
धनबाद के आशीष अक्षत ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में पहला स्थान हासिल कर अपने शहर और परिवार का नाम रोशन किया है. 9 वर्षों के अथक इंतजार और कड़ी मेहनत के बाद मिली यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो नौकरी करते हुए सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं.

*शानदार शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा*

आशीष की शुरुआती शिक्षा धनबाद के डी नोबिली स्कूल, सीएमआरआई से हुई, जहाँ उन्होंने 10वीं में 89% और 12वीं (विज्ञान) में 76.6% अंक प्राप्त किए. इसके बाद, उन्होंने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री 78.8% अंकों के साथ 2016 में पूरी की.
तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद आशीष ने निजी क्षेत्र में अपनी पेशेवर यात्रा शुरू की. उन्होंने Blinkit में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में काम किया और वर्तमान में TATA 1mg में कार्यरत हैं. निजी क्षेत्र में एक अच्छा पैकेज और करियर होने के बावजूद, आशीष ने अपने प्रशासनिक सेवा के लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा और लगातार JPSC की तैयारी करते रहे.
*दृढ़ संकल्प और परिवार का समर्थन*
आशीष ने अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय अपने परिवार, अनुशासन और निरंतर प्रयास को दिया है. उनके पिता सुबोध कुमार श्रीवास्तव और भाई अभिषेक का उन्हें पूरा समर्थन मिला. अभिषेक भी इस बार JPSC इंटरव्यू में शामिल हुए थे, हालांकि उनका चयन नहीं हो सका.
आशीष अक्षत की यह कहानी उन सभी मेहनती और दृढ़ निश्चयी उम्मीदवारों के लिए एक मिसाल है जो अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हर चुनौती का सामना करने को तैयार रहते हैं. उन्होंने साबित कर दिया कि समर्पण और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, भले ही इसके लिए कितना भी लंबा इंतजार क्यों न करना पड़े.
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