
धनबाद, मुस्कान एक प्रयास की संस्थापिका सह अध्यक्ष ललित चौहान ने एसएनएमएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) ब्लड बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि ब्लड बैंक जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराने में आनाकानी करता है और उनके साथ दुर्व्यवहार भी करता है। चौहान ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

निरसा के बी के सिंह के अनुसार, ललित चौहान ने बताया कि उनकी संस्था, मुस्कान एक प्रयास, पिछले कई वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय है और लगातार रक्तदान शिविरों का आयोजन करती रही है। कोरोना महामारी के दौरान से लेकर अब तक, उनकी संस्था ने कई बार एसएनएमएमसीएच ब्लड बैंक को रक्तदान के माध्यम से महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। हाल ही में, मुस्कान एक प्रयास ने एसएनएमएमसीएच को 46 यूनिट रक्त दान किया था।

चौहान ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी मदद करने के बावजूद, जब उनकी संस्था या किसी सदस्य को रक्त की आवश्यकता होती है, तो ब्लड बैंक के कर्मचारी न केवल असहयोग करते हैं, बल्कि कई बार अपमानजनक व्यवहार भी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डोनर कार्ड होने के बावजूद भी जरूरत पड़ने पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया जाता। कर्मचारियों द्वारा यह तक कहा जाता है कि “यहां ब्लड देकर भूल जाइए, यहां से कुछ नहीं मिलेगा।” मरीज के परिजनों द्वारा जब डोनर लाने की बात की जाती है, तो कर्मचारी कहते हैं कि “किसी को भी लाओ, ब्लड मिल जाएगा,” लेकिन जब डोनर कार्ड के आधार पर रक्त मांगा जाता है, तो सीधे मना कर दिया जाता है।
ललित चौहान ने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उनके एक मरीज को O पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता थी, लेकिन कई अनुरोधों के बावजूद उन्हें रक्त नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी O पॉजिटिव रक्त की जरूरत पड़ने पर बी.के. पांडेय सर से संपर्क किया गया था, लेकिन कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला।
चौहान ने चिंता व्यक्त की कि इन अनुभवों के कारण, उनकी संस्था के रक्तदाता भाई-बहनों के बीच यह धारणा बन गई है कि ब्लड बैंक में रक्त दान करने का कोई लाभ नहीं है, क्योंकि जरूरत के समय सहायता नहीं मिलती। उन्होंने बताया कि इसी वजह से कई संस्थाओं ने अब निजी ब्लड बैंकों को रक्त देना शुरू कर दिया है, क्योंकि वहां प्रोसेसिंग चार्ज लेकर समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाता है और सम्मानजनक व्यवहार भी किया जाता है।
ललित चौहान ने प्रशासन से मांग की है कि एसएनएमएमसीएच ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने डोनर कार्ड की वैधता को सम्मानपूर्वक और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने समाजसेवियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने, जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की नीति को पारदर्शी बनाने और झूठे वादे या गलत सूचना देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है। उन्होंने एक महिला समाजसेवी होने के नाते खुद के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार का भी जिक्र किया।
चौहान ने सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता से अपील की है कि वे सच्चाई के साथ खड़े हों और ऐसे अनुचित व्यवहार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।
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