
बलियापुर,(उमेश चौबे) धनबाद जिले में नकली शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिसने एक बार फिर बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे दिया है। ताजा मामला तिसरा थाना क्षेत्र के जयरामपुर मोड़ से सामने आया है, जहाँ शराब बिक्री केंद्र बंद होने के बावजूद होटलों में नकली शराब बेची जा रही थी। इस घटना ने एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान खींचा है कि यह सिर्फ छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि एक बहुत बड़े और संगठित गिरोह की करतूत है जिसकी पहुँच काफी ऊपर तक हो सकती है।

तिसरा थाना प्रभारी सुमन कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बाल्मीकि होटल के बगल के एक कमरे से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। बरामद शराब में बी-7 निब के 40 पीस, बी-7 बोतल के 4 पीस, बियर कैन के 40 पीस, बियर बोतल के 20 पीस, स्मॉल बियर के 20 पीस और एमडी व्हिस्की के 40 पीस शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी यह दर्शाती है कि यह काम छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि संगठित तरीके से किया जा रहा है।

यह कोई इकलौता मामला नहीं है। धनबाद जिले के कई होटलों में खुलेआम जहरीली शराब परोसी जा रही है। बलियापुर भी इस अवैध धंधे से अछूता नहीं है। रात के अंधेरे में होटलों में नकली शराब की खेप पहुँचाई जा रही है, यह स्पष्ट संकेत है कि इसके पीछे एक सुनियोजित नेटवर्क काम कर रहा है। यह गंभीर जांच का विषय है कि यह जहरीली शराब कहाँ से आ रही है और कौन इसे इन होटलों तक पहुँचा रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस नकली शराब के कारोबार के पीछे एक बहुत बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह की पहुँच इतनी व्यापक है कि वे सरकारी नियंत्रण और नियमों को धता बताते हुए धड़ल्ले से अपना धंधा चला रहे हैं। ऐसा लगता है कि इस गिरोह के तार काफी ऊपर तक जुड़े हुए हैं, जिसके कारण इन पर नकेल कसना मुश्किल हो रहा है। यदि ऐसा नहीं होता, तो इतनी बड़ी मात्रा में नकली शराब का निर्माण और वितरण संभव नहीं होता।
यह स्थिति बेहद खतरनाक है और कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। यह उल्लेखनीय है कि दशकों पूर्व धनबाद में एक बहुत बड़ी शराब त्रासदी हुई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। वह घटना नकली और जहरीली शराब के कारण ही हुई थी। आज जिस तरह से नकली शराब का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, उससे इस हादसे की पुनरावृति का डर सता रहा है। प्रशासन को इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेना होगा और तत्काल प्रभाव से इस संगठित गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी। इस पर तत्काल लगाम न लगाई गई तो इसका खमियाज़ा आम लोगों को भुगतना पड़ सकता है, और कहीं धनबाद फिर से किसी बड़ी शराब त्रासदी का गवाह न बन जाए.
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