
हजारीबाग के विष्णुगढ़ प्रखंड की अलपिटो ग्राम पंचायत की मुखिया सुमिता देवी को विकास योजनाओं में वित्तीय अनियमितता और नियम विरुद्ध क्रियान्वयन के गंभीर आरोपों के कारण निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त हजारीबाग की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, मनरेगा, 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों से संचालित योजनाओं में नियमों का उल्लंघन किया गया। योजनाओं की राशि लाभुक समिति के बजाय व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर की गई। विशेष रूप से, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15वें वित्त आयोग के तहत संचालित 16 योजनाओं की राशि नारायण यादव नामक व्यक्ति के खाते में जमा कराना एक गंभीर वित्तीय अनियमितता मानी गई है।

इस मामले में सुमिता देवी को पहले स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया था, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।
झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 और विभागीय आदेशों के प्रावधानों के तहत सुमिता देवी को निलंबित करते हुए उनके मुखिया पद की सभी शक्तियाँ, जिनमें वित्तीय शक्तियाँ भी शामिल हैं, जब्त कर ली गई हैं। यह निर्णय पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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