
आईआईटी(आईएसएम) धनबाद के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग ने 4 जुलाई 2025 को एक प्रभावशाली प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप का आयोजन किया। यह वर्कशॉप 100 से अधिक शोधार्थियों को “डिजिटल टेक्नोलॉजीज फॉर बिजनेस एक्सीलेंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट” एवं “विकसित भारत @ 2047” विषय पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने की। उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने ‘माइन डिजिटाइजेशन’, ‘जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजीज’ और ‘रिसर्च कमर्शियलाइजेशन’ पर व्यावहारिक सत्र का नेतृत्व किया, जिसमें उन्होंने माइनिंग 4.0 और रिमोट सेंसिंग में अपने अनुभव साझा किए। प्रो. बी.के. दास और प्रो. वी.बी. सिंह ने शोध पद्धति पर कार्यशाला का संचालन किया, जिससे प्रतिभागियों को समकालीन इंजीनियरिंग और प्रबंधन शोध के लिए उन्नत उपकरण और आलोचनात्मक सोच विकसित करने में मदद मिली।

संस्थान के डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. सागर पाल ने आईआईटी(आईएसएम) की मजबूत अनुसंधान संरचना, औद्योगिक साझेदारियों और अनुसंधान के व्यावसायीकरण के रास्तों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बहुविषयक अनुसंधान पहलों और सहयोगों में अपनी भूमिका साझा की।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण के रूप में, ब्लूमबर्ग साउथ एशिया मैनेजर युगास्था सक्सेना ने ब्लूमबर्ग टर्मिनल और डेटा विश्लेषण टूल्स का लाइव डेमो प्रस्तुत किया, जिससे शोधार्थियों को वित्तीय और आर्थिक आंकड़ों के उपयोग की जानकारी मिली। डॉ. कोंगा गोपिकृष्ण (डीएसटी) और डॉ. प्रह्लाद राम (एएनआरएफ–विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय) ने राष्ट्रीय जियोस्पेशियल नीति और शोध पारिस्थितिकी तंत्र पर अपने विचार साझा किए।
यह वर्कशॉप 5-6 जुलाई को होने वाले मुख्य सम्मेलन के लिए शोधार्थियों को मजबूत अकादमिक और व्यावहारिक आधार प्रदान करेगी, जिससे वे स्कोपस-सूचीबद्ध प्रोसीडिंग्स और उच्च प्रभाव वाले जर्नल में प्रकाशन के लिए तैयार हो सकेंगे।
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