
सरायकेला : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाज कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री अनिल टुडू, सभी सीडीपीओ, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाएं एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभाग द्वारा संचालित सर्वजन पेंशन योजना, मुख्यमंत्री मायावती सम्मान योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, विधवा पुनर्विवाह योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना एवं पोषण आहार कार्यक्रम सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार एवं अन्य माध्यमों से लगातार कई ऐसे मामलों की जानकारी मिल रही है, जिनमें लाभुकों की पेंशन कई महीनों से बाधित है। ऐसे सभी लंबित मामलों की तकनीकी त्रुटियों को शीघ्र दूर करते हुए पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वजन पेंशन योजना एवं सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत वांछित लाभुकों या नवचिह्नित पात्रों का आवेदन प्राप्त कर उन्हें लाभ से आच्छादित किया जाए।
इसके अतिरिक्त विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति, तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर भी बल दिया गया। पोषण आहार कार्यक्रम की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पोषाहार वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने निर्देशित किया कि सभी सीडीपीओ एवं आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाएं अपने-अपने क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र नियमित रूप से संचालित हो रहे हों, बच्चे नियमित रूप से उपस्थित हों, उनके बीच पोषाहार का वितरण हो रहा हो, खेल-खेल में शिक्षा दी जा रही हो, और केंद्र में बाल-अनुकूल वातावरण जैसे कि प्रोत्साहनकारी बाल लेखन सामग्री, चाइल्ड फ्रेंडली टॉयलेट, हैंडवॉश यूनिट व वॉश बेसिन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।
उपायुक्त ने कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति अत्यंत जर्जर है, वहां के बच्चों को वैकल्पिक भवन में स्थानांतरित किया जाए। वहीं, मरम्मत योग्य भवनों की सूची तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत की जाए ताकि मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जा सके।
इसके अलावा उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ एवं एमओआईसी को अपने-अपने क्षेत्रों में SAM (Severely Acute Malnourished) एवं MAM (Moderately Acute Malnourished) बच्चों की पहचान कर उन्हें एमसीसी केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेड ऑक्युपेंसी के अनुसार कार्ययोजना बनाकर चिन्हित बच्चों को संस्थागत पोषण सुविधा प्रदान की जाए।
बैठक के अंत में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि समाज कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की सभी योजनाओं की सतत निगरानी के लिए जिला स्तर पर एकीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि समय-समय पर योजनाओं की वस्तुनिष्ठ समीक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं सीधे आमजन के जीवन और गरिमा से जुड़ी होती हैं, अतः इनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है, जिससे राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर पहुंच सके।
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