
केंदुआ। विस्थापित आंदोलनकारी शहीद रसिक हांसदा का 46 वीं पूण्य तिथि गोधर स्थित कुर्मीडीह बस्ती में आयोजित की गई।

कार्यक्रम में दर्जनों की संख्यां में क्षेत्र के मासस व झामुमो कार्यकर्ता गाजे बाजे के साथ उपस्थित हुए। शहीद रसिक हांसदा के प्रतिमा पर सर्व प्रथम उनके परिजन व पुत्र महादेव हांसदा के द्वारा माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

तद्पश्चत सभी ने बारी बारी से श्रद्धाजलि दी।वहीं कार्यक्रम में पहुँचे झामुमो के मुख्य सचेतक सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि शहीद रसिक हांसदा सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। कोयलांचल में विस्थापितों के हित एवं सूदखोरी, महाजनी और कोयला माफियाओं के विरुद्ध संघर्षरत रहे। वे हमेशा जल, जमीन, जंगल बचाव के प्रति संघर्षशील रहे।उन्होंने कहा कि 1979 के दशक में रसिक हांसदा विस्थापितों को लेकर आंदोलनरत थे कि घबराकर सुनियोजित योजना के तहत कंपनी के गुर्गे व बिहार पुलिस तथा सीआईएसएफ के लोग एक साजिश के तहत उनकी हत्या करा दी जो आज हमलोगों के बीच खल रही है
लेकिन उनकी शहादत व्यर्थ नही जाएगी वर्तमान समय मे भी उनकी आवाज लोगों के बीच संघर्ष के रूप में गूंज रही है और विस्थापित, जल,जमीन जंगल की लड़ाई हमेशा जारी रहेगी। मौके पर महादेव हांसदा, हरी प्रसाद पपु,चन्द्रदेव यादव,अजय रवानी,देवीलाल महतो,झामुमो मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो,रतिलाल टुडू,सपन बनर्जी,इत्यादि मौजूद थे।
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