
सरायकेला :जिला के चांडिल अनुमंडल स्थित साधू बांध मठिया में जगन्नाथ महाप्रभु का जल यात्रा के आषाढ़ के प्रथम दिन में किया जाता है। इस अवसर काली मंदिर के महंत सह जुना अखाड़ा के प्रदेश प्रवक्ता विधानंद सरस्वती जी ने

जगन्नाथ महाप्रभु की परंपरागत ढंग से जलयात्रा कराया गया।इसके बाद पुजा अर्चना भी की गई। पुजा अर्चना के बाद प्रसाद भी वितरण किया गया। स्नान के बाद 15, तक दिन श्यनकक्ष में चले जाते हैं। इसके बाद पुनः पुजा अर्चना कर जगन्नाथ महाप्रभु मोसी वाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। महाप्रभु जगन्नाथ का महास्नान हुआ.

इसके बाद 15 दिनों के लिए भगवान एकांतवास में चले गये, इसे अनासार काल भी कहते हैं. इसके बाद रथ यात्रा के एक दिन पूर्व 26 जून को नेत्रोत्सव अनुष्ठान होगा. इसके बाद प्रभु जगन्नाथ,
भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा भक्तों को वापस दर्शन देंगे.चांडिल साधु बांध स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर से 27 जून को भव्य रथ यात्रा निकलेगी. इसे लेकर तैयारियां जोरों पर है।इस अवसर पर चांडिल वासी की उमड़ी भीड़ ।
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