
बलियापुर सोमबार को लालाडिह में झारखण्ड बांला भाषा उन्नयन समिति की बैठक जटल रजक की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई समिति के संस्थापक बेंगु ठाकुर गाँव गाँव में जनजागरण के माध्यम से लोगों को झारखण्ड के मुल भाषा और संस्कृति को समाप्त करने

का जो साजिश चल रही है खत्म करने के लिए हर गांव में अपुर पाठशाला खोल कर छोटे छोटे बच्चों को वर्ण परिचय पुस्तक से शिक्षा देकर झारखण्ड को हमलोग बचा पाएंगे जिस तरह पुरे देश के लोगों को जात पात पर बांट कर रखा था वही परम्परा आज भी चल रहा है। पहले गाँव में जाती धर्म निर्विशेष लोगों का एकता था और हमसब शक्तिशाली थे। अभी हम बंटे हुए हैं जिस कारण हमलोग कमजोर हो गये हैं। ईसलिए गाँव के एकता और शक्ति से ही अपनि भाषा और संस्कृति को बचा पाएंगे।

सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया अगर सरकार हर स्कूलों में बांग्ला भाषा की पढाई हर स्कूलों में बांला शिक्षक का नियुक्ति तथा बांला पुस्तक उपलब्ध नही कराति है तो झारखण्ड बांला भाषा उन्नयन समिति रोड से लेकर सदन तक लड़ाई करेंगे अपने अपने क्षेत्र में जन प्रतिनिधीयों का भी घेराव करेंगे सभा में शिबु चक्रवर्ती
लतिका रजक छबि रजक संजीता देबी रुमा देबी शकून्तला देबी माला देबी कल्याणी देबी मंजु देबी रीता देबी नियति माहतो पुर्णिमा माहतो चम्पा गोराई पुर्णिमा गोराई जली देबी जमुना देबी पार्वती देबी तूलावती गोराई सावित्री देबी श्यामा रजकआदि मौजूद थे।
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