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चाईबासा में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: सारंडा के जंगलों से 2.5 टन विस्फोटक बरामद

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Jun 3, 2025

 

चाईबासा: झारखंड और ओडिशा सीमा पर स्थित सारंडा के घने जंगलों से सुरक्षाबलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। ओडिशा के राउरकेला से लूटे गए लगभग 2.50 टन विस्फोटक को ओडिशा-झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने एक सघन अभियान चलाकर बरामद कर लिया है। यह बरामदगी सुरक्षाबलों के लगातार प्रयासों का परिणाम है और इससे नक्सलियों के मंसूबों को करारा झटका लगा है।

 

 

विस्फोटक लूट और बरामदगी का घटनाक्रम

 

यह पूरा मामला तब सामने आया जब राउरकेला से एक खदान में जा रहे विस्फोटक से लदे एक ट्रक को दर्जनों हथियारबंद नक्सलियों ने रास्ते में लूट लिया। नक्सली इस भारी मात्रा में विस्फोटक को सारंडा के दुर्गम जंगलों में ले गए थे, जिससे सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। इस घटना के बाद ओडिशा और झारखंड पुलिस ने तुरंत संयुक्त रूप से अभियान छेड़ दिया। लगातार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आज सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को यह बड़ी कामयाबी मिली। सारंडा के जंगलों में चलाए गए इस सघन तलाशी अभियान के दौरान लूटे गए लगभग 2.50 टन विस्फोटक को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया।

 

लगातार जारी है नक्सलियों के खिलाफ अभियान

 

बता दें कि बीते दिनों में भी सारंडा के जंगलों से सर्च अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए थे। हालांकि, लूटे गए कुल विस्फोटक की मात्रा लगभग 500 टन बताई जा रही है, जिसका मतलब है कि अभी भी एक बड़ा हिस्सा नक्सलियों के पास हो सकता है। सुरक्षाबल इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और नक्सलियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। यह बरामदगी नक्सलियों की कमर तोड़ने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

संयुक्त टीम की भूमिका और भविष्य की चुनौतियाँ

 

 

इस सफल अभियान में ओडिशा और झारखंड पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ की संयुक्त टीम की भूमिका सराहनीय रही है। उनकी आपसी समन्वय और लगातार निगरानी ने इस बड़ी सफलता को संभव बनाया है। सारंडा के जंगल नक्सलियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह माने जाते हैं, जहाँ से वे अपनी नापाक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसे में, इस तरह की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षाबल अब इन क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। हालांकि, अभी भी लूटे गए विस्फोटक के एक बड़े हिस्से की बरामदगी एक चुनौती बनी हुई है और सुरक्षाबलों को अपनी चौकसी बनाए रखनी होगी ताकि बचे हुए विस्फोटक का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने में न हो सके। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


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