
बलियापुर बाजार स्थित गंधेश्वरी मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल उस समय और गहरा हो गया जब मां गंधेश्वरी की प्रतिमा को नम आंखों से विदाई दी गई। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार, भव्य पूजा-अर्चना के उपरांत माता की प्रतिमा को बलियापुर के बड़ा बांध में विसर्जित किया गया।

विसर्जन की प्रक्रिया महिलाओं के उत्साह और भक्ति से ओतप्रोत रही। उन्होंने विधिवत रूप से माता की पूजा और आरती की। इसके पश्चात, एक दूसरे को सिंदूर लगाकर माता के प्रति अपने स्नेह और सम्मान को व्यक्त किया। “अगले वर्ष जल्दी आओ” के जयकारों के साथ, महिलाएं नाचते-गाते हुए माता को विदाई देने के लिए आगे बढ़ीं, जिससे वातावरण भक्तिमय और भावुक हो गया।

इस अवसर पर बलियापुर प्रखंड की उप प्रमुख आशा देवी ने विशेष रूप से उपस्थित होकर मां गंधेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने माता से क्षेत्र की जनता के लिए सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। उनकी उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन की महत्ता को और बढ़ाया।
विसर्जन के इस पवित्र और भावपूर्ण क्षण में सागर दत्ता, डब्लू दत्ता, महादेव पाल, पिंटू पाल, नवीन नंदन और जितेंद्र दत्ता समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने माता को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। माता गंधेश्वरी का यह विसर्जन न केवल एक धार्मिक परंपरा का निर्वाह था, बल्कि यह समुदाय की एकता, आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक था। सभी भक्तों ने अगले वर्ष माता के फिर से आगमन की कामना के साथ उन्हें विदाई दी।
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