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हाथियों का आतंक: ग्रामीणों में दहशत और सरकार पर सवाल

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Byadmin

May 11, 2025

 

दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से हाथियों का झुंड पलायन करके ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। हाथियों को भोजन की तलाश में गांव में घुसना पड़ता है, जिससे वे घरों और दुकानों को निशाना बनाते हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और उनकी जान-माल की सुरक्षा खतरे में है।

सरकार और वन विभाग की भूमिका

ग्रामीणों का आरोप है कि झारखंड सरकार और वन विभाग हाथियों के आतंक को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। वन विभाग द्वारा क्षतिपूर्ति का मुआवजा समय पर नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने वन विभाग और सरकार से मांग की है कि वे हाथियों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं और क्षतिपूर्ति का मुआवजा समय पर दें।

हाथियों के संरक्षण पर सवाल और भविष्य की संभावनाएं

दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में हाथियों के लिए पर्याप्त भोजन और पानी की कमी की वजह से वे गांव में घुसने को मजबूर हो रहे हैं। सरकार और वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं कि वे हाथियों के संरक्षण के लिए क्या कर रहे हैं। भविष्य में हाथियों के आतंक को रोकने के लिए सरकार और वन विभाग को हाथियों के संरक्षण के लिए उचित व्यवस्था करनी होगी और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

निष्कर्ष और सुझाव

हाथियों का आतंक ग्रामीणों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। सरकार और वन विभाग को हाथियों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे और क्षतिपूर्ति का मुआवजा समय पर देना होगा। साथ ही, हाथियों के संरक्षण के लिए उचित व्यवस्था करनी होगी ताकि वे गांव में न घुसें। ग्रामीणों की सुरक्षा और हाथियों के संरक्षण के लिए सरकार और वन विभाग को मिलकर काम करना होगा।


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