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गोविंदपुर गोसाईंडीह में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन

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May 4, 2025

 

 

गोविंदपुर गोसाईंडीह गांव में श्रीमद् भागवत कथा करते हुए वृंदावन धाम से आए त्रिदेव शास्त्री महाराज ने कहा कि कोई धन से बड़ा है, कोई उम्र से बड़ा है लेकिन सबसे बड़ा वह है, जिसके पास ज्ञान है।

 

ज्ञान के साथ-साथ प्रेम का रहना जरूरी है, जिस तरह नमक के बिना सब्जी बेकार है, उसी तरह प्रेम के बिना ज्ञान बेकार है । उन्होंने कहा कि गरीब कहते हैं कि धनवान सुखी हैं और धनवान कहते हैं राजा सुखी। राजा कहते हैं कि महाराजा सुखी हैं और महाराजा कहते हैं कि सबसे सुखी इंद्र भगवान है ।

 

उधर भगवान इंद्र कहते हैं कि चतुरानन सुखी हैं और चतुरानन कहते हैं कि सबसे ज्यादा सुखी भगवान विष्णु है। गोस्वामी तुलसीदास ने कहा है कि हरि भजन बिन सब जीव दुखारी अर्थात जहां भगवान का भजन नहीं है, वहां सारे लोग दुखी है ।

 

प्रथम दिन उन्होंने भागवत कथा की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा कराने का जो महत्व है, उससे कम महत्व 7 दिनो तक भागवत कथा सुनने में नहीं है। भागवत कथा सुनने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। मुख्य यजमान राजकुमार गिरि ने सभी श्रोताओं का स्वागत किया।

 

कथा प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक हो रही है। कथा 8 मई तक चलेगी।


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