
रिपोर्ट,अरुण कुमार सैनी

केंदुआ(धनबाद) संत अंथोनी चर्च धनबाद में दृढ़ीकरण संस्कार को लेकर आ पवित्र आत्मा मेरे दिल में आ, मेरे जीवन को तू ही चला’ मधुर गीत के साथ आज संत एंथोनी चर्च परिसर गूंज उठा, मौका था पवित्र दृढीकरण संस्कार का। आज दिनांक 27 अप्रैल 2025 प्रातः 7:00 बजे पूर्वाह्न दिन रविवार को संत एंथोनी चर्च धनबाद में दृढ़ीकरण संस्कार ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। सात महानतम संस्कारों- बपतिस्मा (जन्म के साथ नामकरण), पाप स्वीकार, परम प्रसाद, दृढ़ीकरण, विवाह, बुलाहट (पुरोहित अभिषेक) तथा अंतमलन (मृत्यु के पश्चात) में से दृढ़ीकरण एक पवित्र संस्कार है, जिसे आज कुल 50 बच्चे और बच्चियों ने इस संस्कार को ग्रहण किया दृढ़ीकरण संस्कार जमशेदपुर धर्मप्रांत के अति माननीय बिशप तेलेस्फोर बिलुंग के द्वारा दिया गया जिस बच्चे और बच्चियों ने सफेद वस्त्र पहन ग्रहण किया तत्पश्चात माननीय बिशप तेलेस्फोर बिलुंग द्वारा बच्चों को दृढ़ीकरण प्रमाण पत्र दिया गया। जिन बच्चों ने संस्कार ग्रहण किया – अनुषका खाखा, शुभम प्रतीक तिर्की, बबली लकड़ा, सबीना तिगा, निशीका एक्का, वनीला अंजलि रोनाल्ड सिंह, रिचर्ड एंथोनी स्मिथ, अनुष्का मेरी बरवा, सानिया अलविना व्हेनरिस्टल, ओलिव जोवाना टोपनो, अंशु प्रिया एक्का, आलोक एक्का, कॉलिंन जोशुआ गावे, जूलियन गाबे, अलीशा केरकेट्टा ,मोनिका एलेन भेंगरा, अनीशा खाखा, आदित्य संदीप बाखला, रीता हेंब्रम, अलीशा हेंब्रम, अंशुमान जॉर्ज डिक्रूज, जॉर्ज विंसेंट डिक्रूज, बिमला खलखो, सुष्मिता तिर्की, जिमी जोश तिर्की, रोहन फ्रांसिस, शैली सुमन बेक, साहिल मिंज, अनमोल खलखो, रोहित अनुराग होरो, अलीशा सोरेन, अनिक सुबरई, अदिति अपूर्वा लुगून, अभिषेक मिंज, अनिकेत मिंज, अंशिका मंजूषा बाखला, राहुल विलियम खाखा, अंशी मेरी खलखो, तन्मय टेटे, आशी बिलुंग ,ईशान मुर्मू, विपुल किंग्सन, उत्कर्ष तिगा, प्रिंस शाह, हर्षित मयंक मिंज, अनिमेष पीटर दत्ता, आर्यन कंडुलना, अमरीन होरो, यूनिक टूरी ने ग्रहण किया। संस्कार ग्रहण कार्यक्रम आरंभ होने से पूर्व शांति सोए के नेतृत्व में प्रवेश नृत्य करते हुए सभी बच्चे बच्चियों को चर्च में प्रवेश कराया गया।जमशेदपुर धर्मप्रांत के अति माननीय बिशप तेलेस्फोर बिलुंग ने अपने उपदेश में कहा कि- आज के दिन जिन बच्चे बच्चियों ने दृढ़ीकरण संस्कार को ग्रहण किया है। उन्होंने पवित्र आत्मा को अपने जीवन में स्वीकार किया है। एक प्रकार से उन्होंने यह संकल्प भी लिया है कि कलीसिया की जिम्मेदारी आज के बाद से वे उठाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि किस प्रकार से पिता ईश्वर ने संसार की रचना करने में 7 दिनों का समय लिया तथा बहुत ही सोच विचार कर प्रत्येक दिन हर एक नई सृष्टि को रचा। फिर अपनी हर एक रचना में उन्होंने अपना सांस फुंककर उसे जीवित कर दिया। ठीक उसी प्रकार आज इन बच्चों को भी अपने जीवन के हर एक फैसले को सोच विचार कर पवित्र आत्मा की अगुवाई में रहते हुए लेना है। और यह प्रण करना है कि अपना या जीवन यह बच्चे कलीसिया के लिए अर्थात कलीसिया के कामों के लिए समर्पित करेंगे।

दृढ़ीकरण संस्कार के लिए बच्चों को मिशनरीज आफ चैरिटी की सिस्टर अनूपा एवं बरटीला ने प्रत्येक रविवार विशेष प्रकार की बाइबल की शिक्षा देकर तैयार किया था। दृढीकरण संस्कार एक अभिषेक है। यह संस्कार पवित्र आत्मा के द्वारा प्राप्त होता है जिसे ग्रहण कर ईसाई धर्मावलंबी अपने विश्वास में मजबूत एवं दृढ़ हो जाते हैं। इस संस्कार को धर्म प्रांत के धर्माध्यक्ष द्वारा दिया जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिशिर प्रभात तिर्की , इटवा टूटी, अनूप दत्ता, जॉन कैंप आदि का सहयोग रहा।
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