• Sat. Feb 14th, 2026

गम्हरिया : बदसलूकी व दुर्व्यवहार को लेकर पूर्व ओलंपियन अर्जुना अवार्ड शिवनाथ सिंह के परिवार झारखंड छोड़ने को तैयार, मुख्यमंत्री से मैडल लौटने की लगाई गुहार, झामुमो नेता पर लगाए गंभीर आरोप

Subhasish Kumar's avatar

BySubhasish Kumar

Apr 26, 2025

सरायकेला : सरायकेला- खरसावां जिला के गम्हरिया आंचल अंतर्गत पदमपुर मौजा के हल्का नंबर चार, खाता नंबर 77 प्लॉट नंबर 313 रकबा 1.26 एकड़ जमीन को लेकर इन दिनों झामुमो नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है।

झामुमो नेता सह पदमपुर मौजा के ग्राम प्रधान कृष्णा बास्के और उनके समर्थक झामुमो नेता- कार्यकर्ता गुरुवार को अंचल कार्यलय में जमकर तांडव मचाया। जिसमें अधिकारी को बेइज्जत भी किया गया। झामुमो नेताओं का रूप देखकर ऐसा ही लग रहा है कि सत्ता के मद में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मदहोश होने लगे हैं। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर थी कि अंचल कार्यालय की ओर से ग्राम प्रधान कृष्ण बास्के को संबधित एक नोटिस जारी कर उन्हें असामाजिक तत्व कहा गया था। दरअसल अंचल अधिकारी ने पूर्व ओलंपियन अर्जुन अवार्डी शिवनाथ सिंह के पुत्र अर्जुन सिंह के आवेदन के आलोक में ऐसा स्पष्टीकरण मांगा था। यह मानवीय भूल हो सकती है। इसके लिए इस कदर एक सरकारी अधिकारी को सरेआम जलील करना कितना जायज है यह हम अपने पाठकों पर छोड़ते हैं। मालूम हो कि झारखंड के पहले स्थापना दिवस के मौके पर साल 2001 में तत्कालीन झारखंड सरकार ने पूर्व ओलंपिक पदक विजेता सह अर्जुन अवार्ड से सम्मानित पूर्व सैनिक रहे शिवनाथ सिंह को पदमपुर मौजा के हल्का नंबर चार खाता नंबर 77 प्लॉट नंबर 313 में 1.26 एकड़ जमीन बंदोबस्त किया था। शिवनाथ सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। 24 साल बाद उनके पुत्र अर्जुन सिंह उक्त जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। मगर पदमपुर मौजा के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता कृष्णा बास्के के नेतृत्व में जमीन को पांचवी अनुसूची के अधीन बताते हुए बगैर ग्राम सभा की अनुमति लिए आवंटित करने को गैर कानूनी बताते हुए मोर्चा खोल दिया।

मोर्चा ही नहीं खोला बल्कि अर्जुन सिंह के साथ बदसलूकी और हाथापाई भी कर डाली। जिससे अर्जुन सिंह मर्माहत हैं और झारखंड सरकार और राष्ट्रपति से सम्मान वापस लेने की गुहार लगाई है। उन्होंने भारी मन से मीडिया को बताया कि जिसके पिता के नाम का कीर्तिमान आज तक देश को गौरवान्वित कर रहा है। आज उनके पुत्र के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना क्या उचित है ? उन्होंने बताया कि यदि कहीं कोई दिक्कत थी तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था। ना कि उनके साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई करनी चाहिए थी। उन्होंने जमीन पर जबरन कब्जा नहीं किया है उनके पिता के नाम से जमीन बंदोबस्त किया गया है। कृष्णा बास्के द्वारा उनके साथ मारपीट किया गया। और उनके वाहन क्षतिग्रस्त किए गए। जिससे उनके जान का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने उपायुक्त एवं स्थानीय पुलिस से सुरक्षा की गुहार भी लगाई है। साथ ही कहा है कि यदि सरकार कहे तो हमारा परिवार झारखंड छोड़ने को भी तैयार है।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *