
हजारीबा सदर प्रखण्ड के प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, चन्दवार में भारी अनियमितताओं और लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम चन्दवार निवासी डेगन राणा समेत ग्रामीणों के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त शिकायत के आधार पर 19 अप्रैल 2025 को अपराह्न 2:30 बजे प्रखंड विकास पदाधिकार नीतु सिंह ने औचक निरीक्षण किया जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल पूरी तरह बंद मिला, बाहर और अंदर दोनों तरफ ताला लटका था। मौके पर कोई भी चिकित्सक या कर्मचारी मौजूद नहीं थे। दूरभाष पर संपर्क करने पर कर्मी श्री अशोक साव ने बताया कि वे बकरी के इलाज के लिए पौता गए हैं, जबकि डॉ. स्मृति केवल शनिवार को कुछ समय के लिए आई थीं। स्थानीय निवासी संगीता देवी, सहोदरी देवी, बसंत राणा और उर्मीला देवी ने बताया कि अस्पताल अक्सर बंद रहता है और डॉक्टर महीनों से नदारद हैं। अधिकांश ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आखिरी बार डॉ. स्मृति को 15 अगस्त 2024 को झंडा फहराते देखा गया था, उसके बाद से वे नजर नहीं आईं।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली पशु औषधियाँ ग्रामीणों को देने के बजाय अस्पताल के पीछे फेंककर जला दी जाती हैं। साथ ही, दवा देने के बदले पैसे की मांग की जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की गहन जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह प्रकरण पशुपालन विभाग की साख पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
जांच के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकार नीतु सिंह, उप प्रमुख गोविंद सिंह, प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सुदामा कुमार दास, ,प्रधान सहायक रामचंद्र चौधरी, प्रमुख प्रतिनिधि गणेश मेहता, पंचायत सचिव रंजित दास एवं उपस्थित ग्रामिण डेगन राना,वसंत राना, राजु राम,सहोदरी देवी,संगीता देवी, मीरा देवी,दीपक कुमार, एवं दर्जनों की संख्या में महिला पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे
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