

लखीसराय – मंगलवार 15 अप्रैल की दोपहर प्रखंड कृषि सभागार में प्रखंड के तमाम डीलरों की एक बैठक खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी अंजली कुमारी की देख रेख में की गई। इस बैठक में तमाम लोगों को फोर्टीफाइड चावल की जानकारी दी गई। वही बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक फूड फोर्टीफिकेशन का मतलब होता है टेक्नोलॉजी के माध्यम से खाने में विटामिन और मिनरल के स्तर को बढ़ावा देना। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि आहार में पोषक तत्व की कमी को दूर किया जा सके और इससे लोगों के स्वास्थ्य को भी लाभ मिले। आमतौर पर चावल की मिलिंग और पॉलिसिंग के समय फेट और सूक्ष्म पोषक तत्त्वों से भरपूर चोकर की परत हट जाती है। चावल की पॉलिश करने से 75 से 90 प्रतिशत विटामिन निकल जाते हैं जिसके वजह से चावल में अपने पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं इसलिए चावल को फोर्टिफाई करने से उनके सुक्ष्म पोषक तत्व ना सिर्फ फिर से जुड़ जाते हैं बल्कि और ज्यादा मात्रा में मिलाए जाते हैं जिसे चावल और ज्यादा पौष्टिक बन जाता है। भारत चावल का एक का प्रमुख उत्पादक देश है विश्व में 22 प्रतिशत चावल का उत्पादन भारत करता है और हमारे देश में 65 प्रतिशत आबादी रोज चावल का सेवन करती है इतना ही नहीं भारत में प्रति व्यक्ति चावल की खपत प्रति माह 6.8 किलोग्राम है भारत में खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में चावल का वितरण भी बहुत ज्यादा मात्रा में होता है इसलिए देश की ज्यादातर आबादी के लिए चावल ऊर्जा और पोशाक का एक बड़ा स्रोत है और कुपोषण से लड़ने के लिए चावल का फोर्टिफिकेशन एक कारगर रणनीति है। पोषण स्तर में सुधार लाने और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से बड़े पैमाने पर लड़ने के लिए चावल का फोर्टिफिकेशन एक सार्थक और कारगर उपाय है सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के कई देश चावल के फोर्टिफिकेशन के रणनीति को लागू कर रहे हैं चावल को 45 करने के लिए सबसे पहले सामान्य चावल का पाउडर बनाया जाता है और उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे विटामिन B12 फोलिक एसिड और आयरन FASSI के मानकों के अनुसार मिलाए जाते हैं। चावल के पाउडर और विटामिन अथवा मिनरल के मिश्रण को मशीनों द्वारा गूंथा जाता है और एक्सटरुडर नामक मशीन से चावल के दानों या FRK को निकाला जाता है 100 ग्राम सामान्य चावल में 1 ग्राम FRK मिलाकर फोर्टीफाइड चावल बनाया जाता है। फोर्टीफाइड चावल में कई पोषक गुण है क्योंकि इनमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व या माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलाए जाते हैं यह पोषक तत्व एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से बचाता है। आयरन एनीमिया से बचाव करता है फोलिक एसिड भ्रूण निर्माण और खून बनाने में सहायक होता है और विटामिन बी12 नर्वस सिस्टम को सामान्य कामकाज में सहायक होता है। फोर्टीफाइड चावल के नियमित सेवन से बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुनिश्चित होता है। अधिकतम पौष्टिक लाभ के लिए फोर्टीफाइड चावल को पर्याप्त पानी में पकाना चाहिए और बचे हुए पानी को फेंकना नहीं चाहिए अगर चावल को बनाने से पहले पानी में भिगोया गया हो तो चावल को इसी पानी में पकाना चाहिए। फोर्टीफाइड चावल को हर बार इस्तेमाल करने के बाद साफ और सुखे हवा बंद डब्बा में रखना चाहिए। यह फोर्टीफाइड चावल सरकारी राशन की दुकानों पर मिलता है यह चावल आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार और स्कूलों के मध्याह्न भोजन में भी दिया जाता है। भारत में चावल के अलावा नमक तेल और दूध को भी फोर्टिफाई किया जाता है ताकि कुपोषण की दरों में कमी लाई जाए। इस दौरान बताया गया कि फोर्टीफाइड चावल प्लास्टिक चावल है ऐसा लोगों के मन में शंका पैदा हो रहा है लेकिन चावल को FRK के साथ 100.1 के अनुपात में मिलाकर फोर्टीफाइड चावल तैयार किया जाता है FRK को चावल के आटे और प्रीमिक्स से तैयार किया जाता है जिसमें आयरन फोलिक एसिड और विटामिन बी12 होता है जिसे एक साथ मिश्रित किया जाता है, इसमें प्लास्टिक जैसा कुछ भी नहीं होता और यह उपभोग करने के लिए पूरी तरीके से सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक है।लोगों के मन में फोर्टीफाइड चावल के स्वाद, सुगंध और पकने की विधि में भी परिवर्तन है ऐसा सोच है तो यह सोच व्यर्थ है क्योंकि स्वाद सुगंध और दिखने में फोर्टीफाइड चावल सामान्य चावल के जैसा ही होता है इसे सामान्य चावल की तरह ही पकाकर सेवन करना चाहिए।लोगों के मन में यह भी शंका है कि फोर्टीफाइड चावल में पोषक तत्व खाना पकाने के दौरान नष्ट हो जाते हैं लेकिन लोगों को यह जानना अति आवश्यक है कि फोर्टीफाइड चावल पकाने के दौरान अपने पोषक तत्वों को बरकरार रखता है अत्यधिक पानी में धोने और पकाने के दौरान भी पोषक तत्व अवशेष बरकरार रहते हैं।
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