
झारखंड सरकार ने देशी शराब को मिलेगा बढ़ावा, महुआ से बनेगी सस्ती शराब में शराब के पॉपुलर ब्रांड्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का फैसला लिया है। रॉयल स्टैग, रॉयल चैलेंज, ब्लेंडर्स प्राइड, सिग्नेचर जैसे ब्रांड्स की कीमतों में अब 10 रुपये से लेकर 60 रुपये तक की वृद्धि देखने को मिलेगी।

उत्पाद शुल्क विभाग ने नई संशोधित दरों की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलते ही लागू किया जाएगा। इस कदम का असर शराब की बिक्री से होने वाले राजस्व पर सकारात्मक रूप से पड़ने की उम्मीद है।

देशी शराब को मिलेगा बढ़ावा, महुआ से बनेगी सस्ती शराब
राज्य सरकार देशी शराब को बढ़ावा देने की दिशा में भी बड़ा कदम उठा रही है। अब महुआ से निर्मित देशी शराब को विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। विदेशी शराब की तुलना में यह देशी शराब काफी सस्ती होगी, जिसकी कीमतें 10 से 25 रुपये तक तय की गई हैं।
विभाग का मानना है कि इससे महुआ शराब के पारंपरिक कारीगरों को रोजगार मिलेगा और राज्य को राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी। अनुमान है कि 2024-25 तक देशी शराब की खपत बढ़कर 14.79 लाख एलपीई से अधिक हो जाएगी, जबकि 2019-20 में यह आंकड़ा केवल 1.16 लाख एलपीई था।
विदेशी शराब पर भी बदलाव, बाहर से आयातित ब्रांड होंगे सस्ते
दूसरी ओर, विदेश में बनी विदेशी शराब (IMFL) अब राज्य में सस्ती मिलेगी। सरकार ने इसकी कीमतों में 1000 रुपये से 8000 रुपये तक की कटौती का प्रस्ताव रखा है, जिससे उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाली शराब कम कीमत पर मिल सकेगी।
इस फैसले से झारखंड में रॉयल ग्रीन, सैम्पसन, सायना जैसे किफायती ब्रांड्स की मांग बढ़ सकती है, क्योंकि अब इनकी कीमतें सीधे आम उपभोक्ताओं के बजट में आएंगी।
390 ब्रांड्स की दरों में बढ़ोतरी, 149 ब्रांड्स में 26% तक उछाल
राज्य में कुल 562 शराब ब्रांड्स उपलब्ध हैं, जिनमें से 390 ब्रांड्स (करीब 69%) की कीमतें बढ़ाई गई हैं। वहीं, 149 ब्रांड्स की कीमतों में 26% तक की वृद्धि हुई है। इनमें अधिकतर मिड-सेगमेंट और प्रीमियम ब्रांड्स शामिल हैं, जैसे कि रॉयल स्टैग और ओल्ड मंक।
वहीं कुछ ब्रांड्स में मामूली वृद्धि करते हुए 10 से 25 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े।
राज्य को मिलेगा 1300 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व
उत्पाद विभाग ने अनुमान लगाया है कि नई दरों के लागू होने से राज्य को लगभग 1300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है। इससे राज्य सरकार को सामाजिक योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में आर्थिक मजबूती मिलेगी।
उम्मीद की जा रही है कि इससे शराब कारोबार को और अधिक संगठित और लाभकारी बनाया जा सकेगा।
झारखंड में शराब की कीमतों में बदलाव केवल कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीति और राजस्व में वृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। देशी शराब को बढ़ावा देना और विदेशी शराब की कीमतों को तर्कसंगत बनाना, राज्य की आर्थिक रणनीति में अहम भूमिका निभाएगा।
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