
पटना : बिहार में बढ़ रहे अपराध को लेकर विपक्ष हमलावर है. विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान यह मामला बिहार विधानसभा और विधान परिषद में भी गूंजा. विपक्ष की ओर से जमकर हंगामा किया गया.
‘सवाल पूछने पर 15 साल पहले वाली बात’ :

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा पुलिस अधिकारियों की हत्या हुई है. जिस तरीके से बिहार के अंदर अपराधी बेलगाम है, वह चिंता का विषय है. सवाल पूछने पर कहते हैं कि 15 साल पहले क्या हालात थे.

”पिछले 20 साल से नीतीश कुमार गृह मंत्री हैं. इनके कार्यकाल में रिकॉर्ड अपराधिक घटनाएं हुई हैं. कुल मिलाकर 60000 से अधिक हत्या और 25000 बलात्कार की घटना हुई है. जब प्रदेश में पुलिस पदाधिकारी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम लोग कैसे सुरक्षित रहेंगे? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे मामले पर चुप्पी साथ रखी है.”- तेजस्वी यादव, नेता
प्रतिपक्ष, बिहार विधानसभा
यही तो मंगलराज है :
वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री रावड़ी देवी ने कहा कि, ”बिहार में दो दिनों में 22 हत्याएं हुई हैं. यही नीतीश का मंगल राज है. जंगलराज में कभी भी दारोगा की हत्या अपराधी नहीं किया करते थे, लेकिन नीतीश के मंगल राज में ये सब हो रहा है. अपराध रोकने में विफल सरकार अब पूरी तरह से जनता के सामने बेनकाब हो रही है.”
‘सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग कानून’ :
आरजेडी विधायक मुकेश रौशन ने कहा कि, ”बिहार में कानून का राज समाप्त हो गया है. नीतीश कुमार के संरक्षण में अपराध की घटनाएं हो रही है. सत्ता पक्ष के लिए कानून का राज कुछ और है तो विपक्ष के लिए कानून का राज कुछ और.”
फांसी पर चढ़ा दें, कौन रोका है? :
बीजेपी की ओर से विपक्ष की साजिश बताने पर आरजेडी विधायक मुकेश रौशन ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को फांसी पर चढ़ा दें, कौन रोका है? इस दौरान राजद विधायक ने तेज प्रताप यादव का बचाव किया. कहा कि होली के समय क्या पुलिस वाले, सफाई वाले को होली मनाने का अधिकार नहीं है?
‘एनकाउंटर शुरू हो गया है’ :
इधर, विपक्ष की ओर से बिहार में बढ़ते आपराधिक घटनाओं को लेकर हाय-तौबा मचाने पर सत्ता पक्ष ने भी पलटवार किया है. बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने इसे विपक्ष की साजिश बताते हुए कहा कि बिहार में भी एनकाउंटर शुरू हो गया है. तेजस्वी यादव की ओर से कानून का राज समाप्त होने की बात कहे जाने पर कहा कि उनके राज्य में जिस प्रकार से नरसंहार होता था लूट और हत्या होती थी कोई सुरक्षित नहीं था. इस राज में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है.
”बिहार में नीतीश मॉडल ही काफी है. तेजस्वी यादव के कहने से क्या होता है? क्या बिहार में फिरौती के लिए अपहरण हो रहा है? बलात्कार हो रहा है? नरसंहार हो रहा है? आईएएस की पत्नी और उनके परिजनों के साथ क्या होता था, बोलने से पहले अपने इतिहास को देख लें. हो सकता है सुशासन की सरकार को बदनाम करने के लिए विरोधियों का षडयंत्र हो.”- हरिभूषण ठाकुर बचौल, बीजेपी विधायक
पुलिस को एनकाउंटर करना चाहिए- JDU :
जेडीयू के परबत्ता विधायक डॉ संजीव कुमार ने कहा कि, ”अपराध बढ़ रहा है तो पुलिस को एग्रेसिव मोड में आना ही पड़ेगा. हमारे डीजीपी विनय कुमार ईमानदार छवि के हैं. पुलिस की तरफ से लगातार कार्रवाई हुई है. गिरफ्तारियां भी हो रही है लेकिन इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरे तो पुलिस को एनकाउंटर करना ही पड़ेगा. पुलिस वाले की अपराधी हत्या कर रहे हैं, तो चूड़ी लेकर पुलिस वाले तो बात नहीं करेंगे. पुलिस को एनकाउंटर करना चाहिए, तभी सुधार आएगा.”
कार्यस्थगन प्रस्ताव नामंजूर :
बता दें कि बिहार में होली उत्सव के दौरान कई ऐसी घटनाएं हुईं जिसमें पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया. दो पुलिस पदाधिकारी की मौत भी हो गई. अररिया और मुंगेर में पुलिसकर्मियों की हत्या की गई. बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर विधानसभा में विपक्ष की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव डाला गया था, लेकिन सरकार ने उसे नामंजूर कर दिया और इस पर चर्चा नहीं हुई. तमाम विपक्ष के विधायकों ने सरकार के रवैया पर नाराजगी व्यक्त की और सदन के अंदर भी हंगामा किया.
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