
बक्सर: दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार में बीजेपी ने कई नए समीकरण साधे हैं. शपथ लेने वाले छह मंत्रियों में एक नाम पंकज सिंह का भी शामिल है. बक्सर जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर धरौली गांव इन दिनों सुर्खियों में है. इसी गांव के पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली में विधानसभा सीट से आप के महेंद्र यादव को पराजित कर जीत हासिल की है. वो 27 साल बाद सत्ता में लौटी बीजेपी की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं.
शपथ ग्रहण से पहले मां का अंतिम संस्कार:

पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल करने वाले पंकज सिंह की मां का निधन उनके शपथ ग्रहण से दो दिन पहले हुआ था. वहीं शपथ ग्रहण समारोह से पहले पंकज सिंह ने अपनी दिवंगत मां सीता देवी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर नम आंखों से उन्हें याद किया.

पंकज ने गांव वालों के लिए बनवाई पक्की सड़क:
बक्सर के धरौली गांव की गलियां भले ही संकरी है, पर गांव वालों का दिल बहुत बड़ा है. पंकज कुमार सिंह के परिवार के बारे में जब पड़ोसियों से पूछा गया तो सभी ने जमकर तारीफ की. दिल्ली में कमिश्नर रहे उनके पिता राजमोहन सिंह का गांव से और यहां के लोगों से खूब प्रेम था. पिता ने गांव में शानदार मंदिर बनवाया तो पंकज सिंह ने गांव वालों के लिए करोड़ों की भूमि दान कर पिता के नाम पर पक्की सड़क बनवा दी.
पंकज ने महेंद्र यादव को दी मात:
पंकज सिंह के ऐतिहासिक जीत से उनके पैतृक गांव सहित गृह जिले में खुशी का माहौल है. पंकज सिंह ने 12876 मतों के अंतर से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी महेंद्र यादव को शिकस्त दी है. डॉ पंकज सिंह को 1,35,564 लोगों ने अपना मत देकर विधायक चुना है. इससे यह साबित होता है कि वो अपने व्यवहार और कार्य कुशलता से दिल्ली की जनता के दिलो पर राज करते हैं.
शुरू हुई गांव में स्वागत की तैयारियां:
इधर पंकज सिंह के पहली बार विधायक बनने से गृह जिला बक्सर में उनके आगमन को लेकर स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई है. हालांकि चार दिन पहले शपथ ग्रहण से पूर्व इनका मां सीता देवी का निधन हो गया था. जिससे तैयारियां रूक गई थी. धरौली में पंकज की जीत की खुशी में 151 किलो से अधिक लड्डू बाटे जा चुके हैं, साथ ही बैंड बाजे के साथ पटाखे भी खूब छोड़े गए हैं.
ग्रामीण कर रहे हैं अपने मंत्री बेटे का इंतजार:
रिश्ते में पंकज के चाचा लगने वाले दिनेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण अपने मंत्री बेटे का स्वागत करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही है. स्वागत की तैयारियां जोरों पर है. हालांकि भाभी मां के निधन पर थोड़ा माहौल गमगीन हो गया है. पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बात करते हुए पंकज सिंह के पड़ोसी संजीव सिंह ने बताया कि उनका परिवार बहुत ही शानदार और सहयोगी रहा है.
“पंकज का गांव के लोगों से बहुत लगाव रहा है, उनके मंत्री बनने पर हम सभी को गर्व है. पंकज गांव में सभी के रोल मॉडल हैं. उनके स्वास्थ्य मंत्री बनने पर पूरा गांव खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है.”- दिनेश कुमार सिंह, पड़ोसी
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