• Fri. Mar 6th, 2026

चांडिल डैम नौका विहार का मंत्री सुदीप्त कुमार सोनू ने किया दौरा, कई परियोजनाओं की घोषणा की

Biru Gupta's avatar

ByBiru Gupta

Feb 16, 2025

 

सरायकेला : जिला के चांडिल बहुउद्देशीय सुवर्णरेखा परियोजना के तहत बनाए गया चांडिल डैम 22 हजार हैक्टर जलाशय में फैले हुए हे ।डैम जलाशय में जिला फ़िसरिस विभाग द्वारा क्रेज कल्चर के माध्यम से विस्थापितों को फ़िसरिश विभाग द्वारा फंगस मछली की खेती बढ़ावा दे रहा हे। चांडिल बाँध विस्तापित मत्स्य जीवी सहकारी समिति द्वारा डैम जलाशय में नौका बिहार में अबतक वोटिंग बेघर बदोबस्त में चलाया जा रहा हे । जो अबतक जिला द्वारा बोटिंग के कोई बंदोंबस्त नहीं कराया गया जिसको देखते हुए मंत्री जल्द कराने के लिए जिला उपायुक्त को निर्देश दिया गया।

 

झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के मंत्री सुदीप्त कुमार सोनू रविवार को चांडिल डैम नौका विहार पहुंचे. चांडिल पहुंचने पर जिला प्रशासन के द्वारा मंत्री को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया ।इस दौरान मंत्री नोका बिहार में वोटिंग कर पर्यटन स्थल को देखा इसके साथी मंत्री सुदीप्त कुमार सोनू कहा चांडिल एक बेहतरीन टूरिस्ट पैलेस है।

 

यहां की नई चीजों को जानने व देखने के लिए आए हैं। यहां के पर्यटकों के लिए और बेहतर क्या किया जा सकता है इसको देखने के लिए आए हैं । यहां दो प्रोजेक्ट हमारी चल रही है। एक डैम के नीचे रिसोर्ट बनने जा रहा है।दूसरा डैम के अंदर आईलैंड बनाया जाएगा. साथ ही आईलैंड में इको कॉटेज बनाने का विचार है। बहुत जल्दी यह चीज धरातल पर उतरने का प्रयास करेंगे।

 

नौका विहार की अगर बंदोबस्त नहीं हुई तो इस पर जिला के उपायुक्त ध्यान दें । इस अवसर पर पर्यटक सचिव एवं निर्देशक ,जिला खेल पर्यटक पदाधिकारी ,जिला उपायुक्त ,चांडिल एसडीएम,co चांडिल, चांडिल डैम कार्यपालक अभियंता,डीएफओ फिसरिश, Dsfo चांडिल डैम ,ईचागढ़ विधायक सविता महतो , एवं चांडिल स्वर्ण रेखा बांध विस्थापित मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड सह नौका बिहार परिचालन समिति के अध्यक्ष सर्दीप नायक आदि लोग उपस्थित थे।

 

 

चांडिल डैम के नौका बिहार में पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ है। यहां दूरदराज से आए लोग पिकनिक का आनंद ले रहे हैं और नौका बिहार में स्थित जलाशय में बोटिंग का मजा ले रहे हैं। लेकिन यहां एक बड़ा सवाल यह है कि जलाशय में बोटिंग के दौरान अगर कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

 

चांडिल बांध विस्थापित मत्स्यजीवी सबलंबी सरकारी समिति द्वारा नौका बिहार का संचालन किया जा रहा है, लेकिन यहां के संचालकों के खिलाफ कई सवाल उठ रहे हैं। यहां के संचालक गैरकानूनी ढंग से बोटिंग चला रहे हैं और सुवर्णरेखा परियोजना चांडिल का बकाया 1करोड़ 56लाख नहीं देने के कारण विभाग ने सार्टिफिकेट कैश सरायकेला में किया है।

नौका परिचालन गैर कानूनी हो रहा है।

 

कोई घटना घटने से इसका जिम्मेदार कोन होगा।

 

इस मामले में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल उठता है। चांडिल मुख्य डैम से महज एक सौ मीटर दूरी पर नौका बिहार का संचालन किया जा रहा है, लेकिन यहां के संचालकों के पास इसके लिए कोई मान्यता नहीं है। यहां के पर्यटकों को यह जानने का अधिकार है कि अगर कोई दुर्घटना होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? नौका विहार में पर्यटक विभाग लगभग 60-70लाख का इंजन वोट एवं मत्स्य विभाग सरायकेला द्वारा 40-50लाख का वोट उपलब्ध कराया गया है।विस्थापितों की स्वरोजगार के लिए मत्स्य विभाग ने डेम में मछली पकड़ने के लिए मछुआरा को वोट उपलब्ध कराया है।जिसका ये लोग गलत इस्तेमाल कर व्यवसाय में लगा कर हर दिन लाखों रुपया कमा रहा है।

 

मछली पकड़ने वाले वोट में सैलानियों को वोटिंग कराते है।इसमें ये समिति के लोग और विभाग मिलीभगत है।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *