• Mon. Feb 16th, 2026

झारखंड पब्लिक स्कूल ,सिर्फ शिक्षण संस्थान हीं नही,बच्चों के व्यक्तित्व विकास का है मुहिम : अत्ताउर रहमान

admin's avatar

Byadmin

Jan 27, 2025

इस विधालय का संचालन एक ऐसे मिशन के साथ किया जा रहा है कि इस ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ उनके व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास के लिए पहल हो सके: अत्ताउर रहमान

 

अंतर्कथा प्रतिनिधि
ब लियपुर स्थित झारखंड पब्लिक स्कूल अपने शैक्षणिक वातावरण और बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये जिस तरह विधालय के वातावरण को सृजित किया है उसके चलते यह विधालय ना सिर्फ बलियापुर बल्कि पुरे धनबाद जिला के लिए एक उदाहरण बनता जा रहा है.

विधालय के प्रशिक्षित,शिक्षक और अनुशासित वातावरण ने यहाँ के छात्रों में रूटीनबद्ध सोच विकसित किया है जिससे बच्चे ना मात्र अपने पढ़ाई लिखाई में अब्बल आ रहे हैं बल्कि उनके अंदर विभिन्न विषयों के प्रति जिज्ञासा भी बढ़ी है और कुछ सीखने और जानने की ललक भी बढ़ी है.

बच्चों के अंदर ऐसी प्रवृति जागृत हुई है कि यहाँ के छात्र अपने जीवन में सही लक्ष्य निर्धारित करने के लिए एक सोच विकसित कर सके.

झारखंड पब्लिक स्कूल अपने स्थापना काल से अब तक विकास के कई सोपान पार किया है , जिसके परिणाम स्वरूप यहाँ से पढ़कर निकलने बाले बच्चे अपने कैरियर में विभिन्न क्षेत्रो में सफल हो रहे हैं.

यह विधालय ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है। यह झारखंड के धनबाद जिले के बलियापुर ब्लॉक में स्थित है। स्कूल में कक्षा नर्सरी से 12 बीं तक की पढ़ाई होती है। स्कूल की पढ़ाई अंग्रेजी माध्य्म से होती है। लेकिन बच्चों को हिंदी भाषा का ज्ञान हो साथ भारतीय परम्परा और संस्कृति की भी जानकारी हो इसका भी ख्याल रखा जाता है.

यह विधालय सीबीएसई बोर्ड नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त है. जहां से पढ़कर निकले बच्चों को कभी कोई दिक्क़त नहीं होती है.

झारखंड पब्लिक स्कूल में छात्रों को पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांकृतिक गतिबिधि, विभिन्न आयोजनों से उनके व्यक्तित्व के संबर्धन की भी व्यवस्था है, जिससे यहां से पढ़कर निकलने वाले मे छात्र जब उच्च शिक्षा में जाते हैं तो उन्हें विभिन्न विषयों और गतिविधियों के जरिये एक बेहतर जीवन जीने और एक सफल व्यक्ति बनने में दिक्क़त नहीं होती है.

यहाँ कम्प्यूटर कक्षा, साइंस के छात्रों के लिए गुणवत्ता पूर्ण लैब जहां छात्र विज्ञान विषय के लिए विभिन्न प्रयोग कर पाएँ, तथा विज्ञान के विभिन्न विषयों की गहनता से अध्ययन करने में दिक्क़त नहीं हो. साथ हीं आज कम्प्यूटर युग में उनको कम्प्यूटर की प्राथमिक जानकारी हो इसकी भी व्यवस्था यहाँ है.

बच्चों को विभिन्न विषयो और देश विदेश के उन सभी महापुरुषों के बारे में बताया जाता है जिनके बारे में जान कर उन्हें अपने जीवन में उनके गुण और उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा मिल सके और वे आगे बढ़ सके.

यहाँ के शिक्षक छात्रों के साथ एक ऐसा रिश्ता कायम किया है जिससे छात्र बिना किसी झिझक और डर से अपने शिक्षकों से अपनी जिज्ञासा को शांत कर सके, छात्र अपने शिक्षकों से किसी विषय की जानकारी हासिल कर सकते हैं और अपनी जानकारी को बढ़ा सकते हैं .

विधालय के निदेशक अत्ताउर रहमान ने बताया कि इस विधालय का संचालन एक ऐसे मिशन के साथ किया जा रहा है कि इस ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ उनके व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास के लिए पहल हो.

वे सफल जीवन के साथ एक बेहतर नागरिक बन देश का मान मर्यादा बढ़ा सके. उन्होंने बताया कि आज दुनिया बहुत आगे बढ़ रहा है नए टेक्नोलोजी और विज्ञान के इस युग में सिर्फ पारम्परिक शिक्षा से बच्चों के व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास नहीं हो सकता इसके लिए उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ आधुनिक सोच को भी विकसित करना होगा इसका बुनियाद बच्चों में बचपन से रखना होगा, जिसका यहां ख्याल रखा जाता है.उन्होंने कहा कि नर्सरी क्लास से हीं बच्चों से शिक्षक को एक ऐसा मनोवैज्ञानिक तरीके से बर्ताव करने कि जरूरत है जिससे वे यहाँ शिक्षक से इस तरह जुड़ जाये कि अपने जीवन कि जिज्ञासा और और किसी भी समस्या के समाधान के लिए संकोच नहीं कर सके जिसके लिए हमने एक अच्छा वातावरण तैयार किया है


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *