
राधा कृष्ण सेवा ट्रस्ट एवं श्री श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के तत्वावधान में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा यज्ञ रानीबांध, तालाब,शनि मंदिर के प्रांगण में कथा के द्वितीय दिवस में हरिदास जी महाराज के ओजमयी वाणी में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा मे पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने कथा में बताया कि जैसे शरीर स्वस्थ रखने के लिए हम पौष्टिक आहार लेते हैं, ठीक उसी प्रकार आत्मा की शुद्धि के लिए सत्कर्मों और सत्संग का आचरण आवश्यक है। जब हम अच्छे कार्य करते हैं और संत महात्माओं के संग रहते हैं, तब हमारी आत्मा पवित्र होती है।

आज कथा प्रसंग में हरीदास जी महाराज ने कहां प्रेत धुंधकारी की कथा को विस्तार से सुनाया कैसे-कैसे प्रेत आत्मा धुंधकारी विभाग व सुनकर के मोक्ष पाया और सुत जीज् शौनकादिक ऋषियों के संवाद को बताएं छह प्रकार का प्रश्न भागवत का निर्माण करती है यही छे प्रकार का प्रश्न राजा परीक्षित ने भगवान शुकदेव से किया, नारद जी अपने पिता ब्रह्मा से किया, मैया पार्वती ने भोले बाबा से किया और समस्त भैया नगर वासी हरिदास जी महाराज से किया।

महाराज श्री ने बताया कि सनातन बोर्ड का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। हमें हमारे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना होगा। सनातन बोर्ड हमारी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मूल्यों को संरक्षित करने में मदद करेगा।
महाराज श्री ने कहा हम सनातनियों को हमारे बच्चों को ग्रंथों की शिक्षा देनी चाहिए, जिससे हमारे बच्चे जीवन के प्रति सही दृष्टिकोण अपनाएं। हमें अपने बच्चों को संस्कारों और मूल्यों की सही शिक्षा देनी चाहिए। हम सनातनियों की जिम्मेदारी है कि अपने बच्चों को रामायण और गीता की शिक्षा देकर उन्हें उज्जवल भविष्य की ओर प्रेरित करें।
महाराज श्री ने बताया जो-जो चाहता है कि उनके जीवन में कल्याण हो, वो सभी प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ में कल्पवास करें। महाकुंभ में कल्पवास करने से न केवल तन-मन शुद्ध होता है, बल्कि आत्मा को भी दिव्य अनुभव होता है।।इस कथा को सफल बनाने में प्रमुख रूप से रामचन्द्र प्रसाद गुप्ता, शोमा देवी,अमृत सिंह, विजय बंसल , रुचि बंसल,रूपांजली सिंह ,एस के सिन्हा पलटन बाबू,सिद्धेश्वर दुबे,टिंकू दास, इन्द्र सिंह, उपेन्द्र मालाकार,रेणु देवी, मीना देवी,रेखा देवी,आदि समस्त धीरेन्द्रपुरम धैया ठाकुरकुली धनबाद नगरवासियों के सहयोग से किया जा रहा है।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
