
पटना: बिहार शिक्षा विभाग ने साल 2025 के लिए शिक्षकों की छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया है. इस नए कैलेंडर में कई अहम बदलाव किए गए हैं. पूर्व एसीएस केके पाठक के आदेशों को पलटते हुए महापुरुषों की जयंती पर स्कूल को बंद रखने का निर्णय लिया गया है.
2025 के लिए शिक्षकों की छुट्टियों का कैलेंडर जारी: साल 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार करीब 6 लाख शिक्षकों के गिले शिकवे दूर करने का प्रयास किया है. सबसे पहले सक्षमता के सफल नियोजित शिक्षकों को उनके ही विद्यालय में विशिष्ट शिक्षक बनाए जाने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की और अब शिक्षा विभाग ने साल 2025 का वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है.

‘सभी धर्मों का रखा गया है ख्याल’- ACS: इसमें शिक्षकों की अवकाश की डिमांड मान ली गई है. साल 2025 में शिक्षकों को 72 दिनों का अवकाश मिल रहा है. इनमें रविवार के 7 दिन और सामान्य दिनों में 65 छुट्टियां मिल रही हैं. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने कहा कि सभी से बातचीत कर छुट्टी का कैलेंडर तैयार किया गया है. सभी धर्मों की छुट्टी की आवश्यकताओं पर विचार किया गया है.

शिक्षकों के लिए जो कैलेंडर जारी किया गया है उसमें स्टूडेंट अभिभावक शिक्षक सभी का अनुरोध प्राप्त हुआ था. कई जगह से फोन पर भी रिक्वेस्ट हुआ और शिक्षक संगठनों के तरफ से भी जो भी बात कही गई, उन सब चीज पर ध्यान दिया गया. पहले से जो छुट्टियां दी जाती थीं, उसका भी मिलान हम लोगों ने किया है और उसके बाद सभी धर्म का ख्याल रखा गया है.- ”- डॉ एस सिद्धार्थ, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग
अवकाश कैलेंडर में जुड़ा शीतकालीन अवकाश: शिक्षा विभाग के इस अवकाश कैलेंडर में इस बार शीतकालीन अवकाश को जोड़ा गया है. 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश दी गई है. इसके अलावा ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 दिनों की कर दी गई है. विद्यालयों में 2 जून से 21 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश तय की गई है.
शिक्षकों को करना होगा ये काम: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने विभाग के वार्षिक कैलेंडर में स्पष्ट किया है कि शीतकालीन अवकाश और ग्रीष्मकालीन अवकाश में शिक्षकों को बच्चों को पर्याप्त होमवर्क और प्रोजेक्ट वर्क अनिवार्य रूप से देना होगा. विद्यालय खुलने के बाद शिक्षक इसका मूल्यांकन करेंगे.
केके पाठक के आदेश बदले: शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए 2025 के शैक्षणिक कैलेंडर में पहले के कई आदेशों को पलटा गया है. अब महापुरुषों की जयंती पर स्कूल बंद रहेंगे. रक्षाबंधन पर भी छुट्टी की घोषणा की गई है. ईद की छुट्टी चांद के दीदार पर निर्भर होगी, जिसके अनुसार बदलाव संभव है. सालभर में कुल 72 दिन स्कूल बंद रहेंगे. इसमें 7 रविवार के दिन हैं. ऐसे में सामान्य दिनों में 65 दिन स्कूल बंद रहेंगे.
एक ही शैक्षणिक कैलेंडर मान्य: इसके अलावा प्रदेश के सामान्य विद्यालय और मदरसा विद्यालय के लिए एक ही शैक्षणिक कैलेंडर मान्य होगा. पिछले वर्ष दो शैक्षणिक कैलेंडर जारी किए गए थे, जिसमें सामान्य और मदरसा विद्यालय के लिए अलग-अलग शैक्षणिक कैलेंडर थे. शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया था।
‘शिक्षकों के दर्द को दरकिनार नहीं कर सकते’: क्या शिक्षकों को खुश करने की कोशिश की गई है, इस सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने कहा कि शिक्षकों को खुश करने की बात हम नहीं मानते हैं. 99% शिक्षक मेहनती हैं डेडिकेटेड हैं, लेकिन एक परसेंट शिक्षक माहौल को बिगाड़ते हैं. 1% टीचर ना खुद पढ़ाते हैं और दूसरे शिक्षकों को भी पढ़ाने से मना करते हैं. केवल एक परसेंट शिक्षकों को लेकर हम 99% शिक्षकों के दर्द को दरकिनार नहीं कर सकते हैं.
‘बच्चों की पढ़ाई हमारा मकसद’: अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने कहा शिक्षकों की हम लोगों ने सभी समस्याओं को सुना. उनके ट्रांसफर पोस्टिंग, उनकी छुट्टी के मामले को सुना गया. हम लोगों की पूरी कोशिश है कि शिक्षकों की समस्याओं का निदान हो. हम लोगों का मूल उद्देश्य है कि टीचर स्टूडेंट को पढ़ाएं. ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर विभाग आगे क्या करने जा रहा है, इस पर एस सिद्धार्थ ने कहा 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक हम लोगों ने आवेदन मांगा है. 15 दिसंबर के बाद हम लोग ट्रांसफर पोस्टिंग करेंगे. जिनको भी जरूरत है उन सब का किया जाएगा.
बायोमेट्रिक अटेंडेंस होगा: शिक्षकों की ट्रेनिंग को लेकर भी आप लोगों ने फैसला लिया है, इस पर अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने कहा कि शिक्षक अपने जिले में ही ट्रेनिंग करेंगे. जिला मुख्यालय में पूर्ण रूप से बायोमेट्रिक अटेंडेंस होगा. जिससे शिक्षक ट्रेनिंग से भाग नहीं सके. पहले शिक्षक ट्रेनिंग के नाम पर भाग जाते थे और इसीलिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस की हम लोगों ने व्यवस्था की है.
There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
