
केरेडारी से रोहित गोस्वामी की रिपोर्ट
केरेडारी: एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड की चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना ने गुरुवार को बिरहोर समुदाय की 30 महिलाओं को बांस से बने उत्पाद बनाने का 15 दिन का प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत प्रमाणपत्र प्रदान किए! साथ ही परियोजना ने 32 बिरहोर परिवारों को सोलर लाइट्स भी वितरित की! यह पहल चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना के संस्कृती महिला समिति द्वारा संचालित की गई थी! यह सारे कार्य चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना द्वारा अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत आयोजित किया गया था! बीरहोर जनजाति, विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह का हिस्सा है!प्रमाणपत्र वितरण समारोह में राखी गुप्ता, उपाध्यक्ष, संस्कृती महिला समिति, सरोज सिंह, महासचिव, संस्कृती महिला समिति और रंजना रावत, सदस्य, संस्कृती महिला समिति ने प्रमुख रूप से भाग लिया! इस अवसर पर राखी गुप्ता ने कहा, “हमारा उद्देश्य बिरहोर समुदाय की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है! बांस से उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण और सोलर लाइट्स वितरण से इन महिलाओं के पास नया रोजगार विकल्प और उनके घरों में रोशनी का एक सशक्त साधन होगा!बांस उत्पादों का प्रशिक्षण बिरहोर समुदाय की महिलाओं के लिए अत्यधिक लाभकारी है!इससे उन्हें न केवल एक नया कौशल प्राप्त हुआ है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी देता है! बांस से बने उत्पादों की बढ़ती मांग से इन महिलाओं को स्थिर रोजगार मिलेगा और वे अपने परिवारों का भरण-पोषण बेहतर तरीके से कर सकेंगी! सोलर लाइट वितरण से बिरहोर समुदाय के 32 परिवारों के घरों में बिजली की समस्या का समाधान होगा, जिससे रात के समय में वे बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे और उनका जीवन स्तर उन्नत होगा!

चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना उनके सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर और अन्य कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित करती है!

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