
केरेडारी से रोहित गोस्वामी की रिपोर्ट
केरेडारी: आईसीएआर-सीआईएफआरआई राज्य के तीन जलाशयों, गुमला में मसारिया, सिमडेगा में केलाघाघ और झारखंड के हज़ारीबाग़ जिले में घाघरा में “झारखंड के कम उपयोग किए गए जलाशय संसाधनों में स्कम्पी मत्स्य पालन वृद्धि प्रौद्योगिकी के माध्यम से आदिवासी समुदायों को की आजीविका में सुधार” विषय पर डीओएफ झारखंड प्रायोजित परियोजना को क्रियान्वित कर रहा है! एक नई तकनीक “राउंड फ्लोटिंग पेन” जो भारत में अपनी तरह की पहली है! 28 नवंबर, 2024 को मसरिया जलाशय, गुमला में स्थापित की गई है, जिसका उद्घाटन कुसुम लता, डीएफओ, डीओएफ, गुमला, झारखंड द्वारा आईसीएआर-सीआईएफआरआई की उपस्थिति में किया गया है! संस्थान के निदेशक डॉ. बीके. दास के कुशल मार्गदर्शन से टीम का नेतृत्व प्रधान वैज्ञानिक एवं परियोजना पीआई डॉ. ए.के.दास ने किया! इस उद्घाटन कार्यक्रम में स्थानीय पीएम श्री नवोदय विद्यालय के प्राचार्य सहित दो सौ छात्र और उनके संकाय भी उपस्थित रहे! राउंड फ्लोटिंग पेन में 30 पीएल के कुल 2 लाख स्कैंपी बीज रखे गए हैं, जिन्हें 10-20 ग्राम आकार प्राप्त होते ही मुख्य जलाशय में छोड़ दिया जाएगा, जिससे वे जंगली मछली खाने वालों के रूप में जलाशय में पहले से मौजूद शिकारी दबाव से बच सकेंगे! जैसे म्यूरेल, वालगो अट्टू आदि! निश्चित रूप से, इस तकनीक के माध्यम से मसारिया जलाशय में काम करने वाले आदिवासी लाभार्थियों की आजीविका को बढ़ाया जाएगा और लंबे समय तक कायम रखा जाएगा!समग्र परियोजना गतिविधियों की निगरानी श्री कर्ण सत्यार्थी, उप आयुक्त, गुमला और एच एन द्विवेदी, निदेशक, मत्स्य पालन विभाग, झारखंड के उचित मार्गदर्शन में की जा रही है!

There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
