
दारू /हजारीबाग
शहर के जैन मध्य विद्यालय में गुरुवार को जैन समुदाय के पूज्य मुनिश्री 108 सुयश सागर जी महाराज के पीछी परिवर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद मुख्य रूप से शामिल हुए जिन्होंने महाराज श्री के श्री चरणों में श्रीफल अर्पित कर उनका परमआशीर्वाद प्राप्त किया। पीछी परिवर्तन जैन साधुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है, जिसमें मुनि श्री अपनी पुरानी पीछी (मोर पंख से निर्मित उपसरण) को त्यागकर नई पीछी धारण करते हैं। यह परंपरा त्याग, शुद्धता और साधना के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है।

कार्यक्रम के दौरान जैन समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने सदर विधायक प्रदीप प्रसाद को अंग वस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। विधायक ने अपने संबोधन में जैन धर्म की अहिंसा, करुणा और त्याग की शिक्षाओं की सराहना करते हुए समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भक्तों ने मुनि श्री के प्रवचनों का श्रवण कर उनका आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मौके पर प्रदीप प्रसाद ने पीछी परिवर्तन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा, मैं पहली बार विधायक के रूप में आप सभी के बीच उपस्थित हुआ हूं और आपके आशीर्वाद का आकांक्षी हूं। मेरी कोशिश है कि हजारीबाग के लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जाए। मैं आपके विश्वास को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। जल्द ही हजारीबाग में एक ऐसा आधुनिक अस्पताल स्थापित किया जाएगा, जहां पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह अस्पताल न केवल शहरवासियों बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत केंद्र बनेगा। मैं हर वक्त आपकी सेवा में समर्पित रहने के लिए प्रतिबद्ध हूं। उन्होंने जैन धर्म के सिद्धांतों और समाज की एकजुटता की सराहना करते हुए समाज के उत्थान में सभी के योगदान की प्रशंसा की।
There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
