
चक्रधरपुर | बदलते दौर में जहां लोग समय के साथ अपने पुराने स्कूल और शिक्षकों को भूल जाते हैं, वहीं द.पू. रेलवे इंटर कॉलेज स्कूल के वर्ष 2007 बैच के पूर्व छात्रों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गुरु और शिष्य का रिश्ता समय की सीमाओं से कहीं बड़ा होता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को पूर्व छात्रों ने अपने स्कूल पहुंचे और अपने शिक्षकों को पुष्पगुच्छ भेंट कर, केक काटा तथा चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया एवं उन्हें उपहार भेंट की।
शिक्षक दिवस भारत में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है, जो शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है।

पूर्व छात्रों ने कहा कि जीवन में जो भी सफलता उन्हें मिली है, उसकी नींव उनके शिक्षकों ने ही रखी है। गुरु ही वह शक्ति हैं जो अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं और जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। स्कूल छोड़े हुए 19 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और प्रेम आज भी पहले जैसा ही है आगे भी रहेगा, इसीलिए लगातार हम अपने पुराने स्कूल पहुंच कर शिक्षकों को सम्मान करते है । शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि संस्कार, अनुशासन और जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। वहीं “गुरु का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता, लेकिन सम्मान और कृतज्ञता के कुछ पल उनके प्रति हमारी भावनाओं को जरूर व्यक्त कर सकते हैं।”

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी अपने छात्रों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसा समर्पण और सम्मान बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि 2007 बैच के छात्र हमें याद करते और स्कूल आकर सम्मान देते है l पूर्व छात्र देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत है जैसे पत्रकार, प्रोफेशनल फोटोग्राफर, पुलिस इंस्पेक्टर, Jio डिजिटल ब्रांच मैनेजर, भारत पेट्रोलियम ब्रांच मैनेजर, शिक्षक, बिजनेसमैन, इंजीनियर, सेल कंपनी, रूंगटा कंपनी एवं विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं, फिर भी अपने विद्यालय और गुरुओं को नहीं भूले हैं जो की हमारे स्कूल के लिए गर्व की बात है l
शिक्षकों ने ये भी कहा की “स्कूल छोड़े 19 वर्ष हो गए, लेकिन हर वर्ष ये छात्र हमसे मिलने जरूर आते हैं, सम्मान करते हैं और ढेर सारी शुभकामनाएं देते हैं। इससे बड़ा शिक्षक के लिए कोई उपहार नहीं हो सकता। हम उन सभी बच्चों की उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना करते हैं।”
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य ओम पाल सिंह, पी.के. विश्वास, डी. नायक, शशि मैडम, सुमिता मेरी नाग, ए एस कुजूर , ए गुरिया, सुधा देवी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम में धनंजय उर्फ जय कुमार, संतोष मुखी, शुभम दीवान, सुजीत होनहागा, निखिल रंजन कुमार सिंह, कोमल सिंह, विश्वनाथ तांती, दीपक सिंह, हर्ष गागराई सहित 2007 बैच के विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।
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