• Wed. Jan 14th, 2026

इस बार दिखेगी झारखंड विधानसभा में महिलाओं की ताकत, पहली बार सदन पहुंचीं 12 महिला विधायक

ByBiru Gupta

Nov 28, 2024

 

 

*रांची :* झारखंड विधानसभा के चुनाव में पहली बार आधी आबादी का पूरा असर चुनाव क्षेत्र से लेकर निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों में परिलक्षित हो रहा है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने मतदान के दौरान जहां जमकर मताधिकार का प्रयोग किया, वहीं राज्य में पहली बार सबसे अधिक 12 महिला विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा की दहलीज तक पहुंचीं हैं।

निर्वाचित महिला विधायकों में ज्यादातर पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं तो कईयों ने अपने बूते भी राजनीति में अपनी पहचान और धमक कायम की है। 12 में से सर्वाधिक पांच विधायक कांग्रेस से तो भाजपा से चार और तीन महिला विधायक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से निर्वाचित हुईं हैं।

यह उल्लेखनीय है कि झारखंड के गठन के 24 साल के दौरान राज्य की हर विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या में क्रमिक बढ़ोतरी देखी गई है। 2000 में यहां तीन महिला विधायक थीं, जबकि 2005 में यह संख्या बढ़कर आठ और 2014 में नौ हो गई। 2019 में 10 महिला विधायक निर्वाचित हुईं थीं।

 

*86 हजार वोटों के बड़े अंतर से जीतीं आलमगीर आलम की पत्नी*

 

कांग्रेस की निशत आलम को पाकुड़ सीट पर सबसे ज्यादा 86 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत का श्रेय जाता है। टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लान्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की पत्नी निशत आलम ने अपने पति की सीट पर पहली बार चुनाव लड़कर कामयाबी पाई।

कद्दावर नेता स्वर्गीय समरेश सिंह की पुत्रवधू श्वेता सिंह बोकारो से भाजपा के बिरंची नारायण को हराकर निर्वाचित हुईं। महगामा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भाजपा के अशोक कुमार को हराया है।

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर झामुमो में शामिल हुई पूर्व मंत्री लुईस मरांडी भी जामा सीट से निर्वाचित हुई हैं। इसी तरह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली शिल्पी नेहा तिर्की भी मांडर सीट से दूसरी बार निर्वाचित हुई हैं।

 

 

*सबसे प्रमुख चेहरा कल्पना सोरेन*

 

कल्पना सोरेन ने अपने दम पर राजनीति में काफी कम समय में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने में सफलता पाई। इस वर्ष के आरंभ में पति की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में झारखंड मुक्ति मोर्चा का नेतृत्व संभाला। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सघन प्रचार अभियान चलाया।

इसी दौरान उन्होंने गांडेय विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में जीत हासिल की। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में वह सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख स्टार प्रचारक के तौर पर उभरीं। उन्होंने गांडेय विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़कर भाजपा प्रत्याशी को पराजित किया।

 

*रघुवर दास की बहू पूर्णिमा ने हराया डॉ. अजय को*

 

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की पुत्रवधू पूर्णिमा दास साहू की विधानसभा में पहली बार एंट्री होगी। उन्होंने जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से कद्दावर कांग्रेसी नेता डा. अजय कुमार को हराने में कामयाबी पाई। टिकट मिलने के बाद उन्होंने क्षेत्र में सघन अभियान चलाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में मोड़ने में कामयाबी पाई।

 

*जरूरी बात*

 

 

 

 

2019 में निर्वाचित हुई थीं 10 महिला विधायक

वर्ष 2000 में थी सिर्फ तीन महिला विधायक

सबसे अधिक पांच विधायक कांग्रेस से

भाजपा से चार और झामुमो से तीन निर्वाचित

 

*विधानसभा में ये महिला विधायक*

 

कल्पना सोरेन – झामुमो

लुइस मरांडी – झामुमो

सविता महतो – झामुमो

निशत आलम – कांग्रेस

श्वेता सिंह – कांग्रेस

दीपिका पांडेय सिंह – कांग्रेस

ममता देवी – कांग्रेस

शिल्पी नेहा तिर्की – कांग्रेस

नीरा यादव – भाजपा

मंजू कुमारी – भाजपा

रागिनी सिंह – भाजपा

पूर्णिमा दास साहू – भाजपा


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *