
1 अप्रैल 2026 से नया वित्त वर्ष शुरू हो चुका है और इसके साथ ही फरवरी में पेश किए गए बजट के नए नियम भी प्रभावी हो गए हैं। इस बार न केवल टैक्स स्लैब में बदलाव हुआ है, बल्कि रोजमर्रा की कई चीजों की कीमतों में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। आईए जानते है आज से क्या-क्या सस्ता हुआ और क्या-क्या महंगा….

टैक्स के नियमों में बड़ा बदलाव

इस साल का सबसे बड़ा बदलाव GST स्लैब में देखने को मिला है। सरकार ने जटिलता कम करने के लिए पुराने चार स्लैब को खत्म कर अब केवल 5% और 18% के दो ही स्लैब रखे हैं। हालांकि, निवेश और ट्रेडिंग करने वालों के लिए बुरी खबर है क्योंकि स्टॉक मार्केट में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर लगने वाला टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। साथ ही, अब इनकम टैक्स में किसी भी तरह की जानकारी छिपाना महंगा पड़ेगा, क्योंकि पकड़े जाने पर टैक्स राशि के बराबर यानी 100% जुर्माना भरना होगा।
क्या-क्या हुआ सस्ता: राहत वाली खबरें
अगर आप शॉपिंग या कोई बड़ा निवेश करने की सोच रहे हैं, तो कुछ सेक्टर में आपको काफी बचत होने वाली है:-
सेहत और दवाइयां: कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटा दी गई है, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
गैजेट्स और टेक: भारत में बने स्मार्टफोन और टैबलेट अब कम कीमत पर उपलब्ध होंगे। साथ ही माइक्रोवेव और एयरक्राफ्ट के कुछ हिस्सों पर भी ड्यूटी कम हुई है।
सवारी और पर्यावरण: पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर टैक्स कम किया गया है। बायोगैस, CNG और सोलर पैनल में इस्तेमाल होने वाले ग्लास भी सस्ते हो गए हैं।
लाइफस्टाइल और विदेश यात्रा: लेदर के जूते, कपड़े और साड़ियां अब आपके बजट में फिट बैठेंगी। इसके अलावा, विदेश में पढ़ाई या घूमने जाने वालों के लिए TCS में कटौती की गई है, जिससे फॉरेन टूर पैकेज अब सस्ते मिलेंगे।
क्या-क्या हुआ महंगा: जेब पर बढ़ेगा बोझ
कुछ चीजों के लिए अब आपको पहले से ज्यादा कीमत चुकानी होगी, खासकर लग्जरी और नशे से जुड़ी वस्तुओं पर:
शौक और लग्जरी: अगर आप लग्जरी घड़ियों या विदेशी शराब के शौकीन हैं, तो अब आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। कॉफी लवर्स के लिए भी बुरी खबर है क्योंकि कॉफी बनाने वाली मशीनों पर मिलने वाली छूट हटा ली गई है।
सेहत को नुकसान: सिगरेट पीना अब और भी महंगा हो गया है क्योंकि इन पर टैक्स बढ़ा दिया गया है।
इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर: आयरन ओर, कोयला और कुछ मिनरल्स की कीमतें बढ़ने से निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में लागत बढ़ सकती है। इसके अलावा, न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े सामान भी अब महंगे मिलेंगे।
कुल मिलाकर, यह नया वित्त वर्ष तकनीकी सामानों और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के लिए अच्छा है, लेकिन ट्रेडिंग और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिहाज से थोड़ा खर्चीला साबित हो सकता है।
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