
हाजीपुर/सारण: वैशाली जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक कौनहारा घाट एक बार फिर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव का गवाह बनने जा रहा है। आगामी 1 मार्च 2026 (रविवार) को यहाँ ‘मशान होली महोत्सव’ का भव्य आयोजन होगा। इस महोत्सव में न केवल बिहार और देश, बल्कि नेपाल सहित विदेशों से भी सैकड़ों संत-महात्मा, विद्वान और किन्नर समुदाय के लोग शिरकत करेंगे।

महोत्सव के मुख्य आकर्षण:

आयोजन समिति के सह-संयोजक रूपेश कुशवाहा ने बताया कि रविवार शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलने वाले इस महोत्सव में कई दुर्लभ झाँकियाँ देखने को मिलेंगी:
भस्म और पुष्प होली: उज्जैन के महाकाल भस्म आरती के कलाकारों द्वारा भस्म नृत्य और पुष्पों की होली का आयोजन।
सांस्कृतिक प्रस्तुति: अंतरराष्ट्रीय महिला कलाकारों द्वारा शिव तांडव, इस्कॉन भक्तों द्वारा कीर्तन और राधा-कृष्ण का प्रेम नृत्य।
अनोखा स्वरूप: भूत-प्रेत, गंधर्व और यक्ष स्वरूप धारण किए कलाकारों के साथ मशान होली का आनंद।
प्रसाद वितरण: महोत्सव के अंत में छप्पन भोग प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
दिग्गज संतों और हस्तियों का समागम:
इस महाकुंभ में बोधगया शंकराचार्य मठ के विवेकानंद गिरी, मौनी बाबा, जगद्गुरु स्वामी लक्ष्मणाचार्य सहित जूना अखाड़ा और अयोध्या के कई बड़े संत उपस्थित रहेंगे। साथ ही, बिहार सरकार के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, राम कृपाल यादव, लखेंद्र पासवान और भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
तैयारियां जोरों पर:
महोत्सव के प्रेरणास्रोत विनोद कुमार सिंह यादव के मार्गदर्शन में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दो दौर की बैठकें संपन्न हो चुकी हैं और सुरक्षा व प्रबंधन के लिए विविध टीमें सक्रिय हैं। यह आयोजन सनातन हिंदू धर्म के सभी संप्रदायों को एक सूत्र में पिरोने का एक बड़ा माध्यम बनेगा।
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