
सरायकेला: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज समाहरणालय सभागार, सरायकेला में जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सिंहभूम सांसद श्रीमती जोबा मांझी रहीं। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में सशक्त बनाने का आह्वान किया।

संबोधन के मुख्य बिंदु:

सांसद जोबा मांझी: सांसद ने बाल विवाह को समाज के लिए एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह से लड़कियाँ शिक्षा और अधिकारों से वंचित हो जाती हैं, जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने सभी से एकजुट होकर बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की अपील की।
उप विकास आयुक्त (DDC) सुश्री रीना हांसदा: डीडीसी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाएँ पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर प्रयास करना होगा।
समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर: उन्होंने स्वागत भाषण देते हुए बालिका शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
सम्मान और शपथ:
कार्यक्रम के दौरान सांसद ने उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह रोकने और एक जागरूक समाज के निर्माण की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सेविकाओं और सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की रूपरेखा
विवरण जानकारी
मुख्य अतिथि श्रीमती जोबा मांझी (सांसद, सिंहभूम)
विशिष्ट अतिथि सुश्री रीना हांसदा (DDC), सानंद आचार्य (विधायक प्रतिनिधि)
मुख्य विषय महिला सशक्तिकरण एवं बाल विवाह उन्मूलन
विशेष गतिविधि उत्कृष्ट सेविकाओं का सम्मान एवं बाल विवाह मुक्ति की शपथ
“समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण अनिवार्य है। हमें बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को जड़ से मिटाना होगा।” — जोबा मांझी, सांसद
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