
सराइकेला –

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखण्ड सरकार के तत्वावधान में शुक्रवार 20 मार्च को ‘विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर डॉक्टर नकुल कुमार चौधरी की अध्यक्षता में दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया गया।

‘विश्व मुख स्वस्थ दिवस’ के अवसर पर सदर अस्पताल सरायकेला में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। “A Happy Mouth is a Happy Life” के संदेश के साथ नागरिकों को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक मुँह की स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया है।
डॉक्टर नकुल प्रसाद चौधरी तथा डॉक्टर चंदन कुमार ने इस अभियान के माध्यम से जनता को संदेश दिया कि शारीरिक स्वास्थ्य की शुरुआत मुँह की सफाई से ही होती है। डॉक्टर चौधरी ने इस विशेष दिवस पर उपस्थित सहया दीदीयों को मुख स्वास्थ्य को लेकर कई महत्वपूर्ण सावधानियों पर जोर देते हुए कहा कि
दांतों की देखभाल जन्म के समय से ही शुरू हो जानी चाहिए:
शिशु में दांत आने से पहले भी बच्चों के मसूड़ों को गीले कपड़े से साफ करें।
बच्चे को दूध की बोतल मुँह में रखकर न सुलाएं, इससे सड़न का खतरा बढ़ता है।
4 साल के बाद बच्चों को अंगूठा चूसने से रोकें, अन्यथा चेहरे की बनावट और दांतों की स्थिति बिगड़ सकती है।
6 साल की उम्र तक माता-पिता अपनी देखरेख में ही बच्चों से ब्रश करवाएं।
स्वस्थ जीवन के लिए ‘डेंटल रूटीन’ का उपयोग करें ।सुबह उठकर और रात को सोने से पहले कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करें।
खुरदरे मंजन या सख्त ब्रश का उपयोग न करें, इससे दांतों की परत (Enamel) खराब होती है।
खाना खाने के बाद पानी से कुल्ला करना और मसूड़ों को अच्छी तरह से मालिश करना चाहिए।
मसूड़े में सूजन, खून आना या सांसों की बदबू को नजर अंदाज न करें या गंभीर बीमारी की संकेत हो सकते हैं
ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए । खराब मुख स्वस्थ केवल दांतों तक सीमित नहीं रहता है या मुंह के कैंसर हृदय रोग निमोनिया और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
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