
सरायकेला – बुधवार को जिला बार एसोसिएशन के सचिव श्री जलेश कवि ने जानकारी देते हो कहा कि सरायकेला जिला बार एसोसिएशन द्वारा सरायकेला व्यवहार न्यायालय को वर्तमान स्थान से अन्यत्र शिफ्ट किए जाने की प्रस्तावित प्रक्रिया के विरुद्ध कड़ा विरोध दर्ज करते हुए माननीय केंद्रीय मंत्री Sanjay Seth, सांसद Kalicharan Munda, सिंहभूम की सांसद Joba Majhi तथा खरसावां के माननीय विधायक महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।
अधिवक्ता संघ ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यायालय को वर्तमान स्थान से हटाने की प्रक्रिया पूर्णतः मनमानी, अव्यावहारिक एवं जनभावनाओं के प्रतिकूल है।

वर्तमान न्यायालय परिसर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के बावजूद इसे अन्यत्र स्थानांतरित करने की योजना बनाना समझ से परे है और यह निर्णय सीधे-सीधे आम जनता एवं अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी है।

अधिवक्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि यदि न्यायालय को शहर से दूर स्थानांतरित किया जाता है, तो आम जनमानस, विशेषकर गरीब एवं ग्रामीण वादकारियों को न्याय तक पहुँचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ेगा, बल्कि न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया भी बाधित होगी, जो कि न्याय के मूल सिद्धांत के विरुद्ध है।
बार एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए इस प्रस्तावित शिफ्टिंग पर रोक लगाने तथा वर्तमान स्थल पर ही आधुनिक एवं सुसज्जित न्यायालय भवन का निर्माण कराने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी की गई, तो अधिवक्ता समुदाय लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।
इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री केदार नाथ अग्रवाल, सहसचिव जलेश कवि,वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आशित कुमार सारंगी, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री निर्मल आचार्य, कोषाध्यक्ष लखविंदर नायक, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अरविन्द तिवारी, श्री कुणाल रथ, श्री सुदीप सारंगी सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
जारीकर्ता:
जिला बार एसोसिएशन, सरायकेला
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