
सरायकेला: झारखंड सरकार द्वारा सरायकेला के विकास और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरायकेला नगर पंचायत के झामुमो समर्थित प्रत्याशी मनोज चौधरी ने राज्य सरकार के इन फैसलों का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया है।

मनोज चौधरी ने बताया कि राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला के सुचारू संचालन के लिए कार्यकारी एवं स्थायी समितियों के पुनर्गठन की स्वीकृति दे दी गई है। साथ ही, सांस्कृतिक गतिविधियों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और झारखंड सरकार के बीच 5 वर्षों के लिए एक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़े बदलाव का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सदर अस्पतालों को पीपीपी (PPP) मोड पर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के रूप में विकसित कर रही है।
प्रथम चरण में धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और खूंटी।
द्वितीय चरण में सरायकेला-खरसावां, लातेहार और साहेबगंज।
मनोज चौधरी ने सरायकेला सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में बदलने के निर्णय को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
जनआकांक्षाओं का ‘आबुआ बजट’
सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की सराहना करते हुए उन्होंने इसे ‘आबुआ बजट’ करार दिया। बजट की मुख्य विशेषताएं साझा करते हुए उन्होंने बताया कि
सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा में इन क्षेत्रों को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना के लिए 14,065 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।
राज्य के पेंशनधारियों के लिए 1463 करोड़ 58 लाख रुपया आवंटित किए है।
वहीं कृषि ,पेयजल और स्वस्थ विभागों को भी उनकी आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त बजट दिया गया है।
चौधरी ने अंत में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ‘राज्य विकास की गाड़ी’ पर सवार है और यह बजट झारखंड को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम है
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