
सरायकेला: चांडिल वन क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड में जंगली हाथियों का झुंड काल बनकर आया है। बेरासिसिरुम पंचायत के रुपरु टोला (खरकोचा) में हाथियों ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया और गरीब किसानों की तैयार फसलों को अपना निवाला बना लिया।
किसानों का भारी नुकसान हाथियों के इस हमले में किसान मिहिर महतो, बालिका महतो और गौतम महतो की आलू की खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई है। वहीं, सुरेन महतो की पत्तागोभी (बांधाकोपी) और नरेंद्र नाथ महतो के धान की फसल को हाथियों ने रौंद डाला। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की मेहनत और जमापूंजी एक झटके में हाथियों ने छीन ली है।

सड़क पर टस्कर का पहरा इधर, तिरुलडीह-कुकड़ू मुख्य सड़क के डाटम जंगल के समीप सड़क किनारे एक विशाल टस्कर हाथी को देखा गया, जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों में दहशत है। स्थानीय प्रशासन और जागरूक लोगों ने अपील की है कि हाथी के पास न जाएं और न ही उसे छेड़ने की कोशिश करें।

वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में हाथियों के आतंक से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम ढलते ही हाथियों का झुंड भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर गांवों में प्रवेश कर जाता है, लेकिन वन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। हाथियों को भगाने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।
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