
सरायकेला, झारखंड: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आज, 11 जुलाई को सदर अस्पताल परिसर, सरायकेला में जनसंख्या स्थिरता अभियान 2025 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और स्थानीय विधायक प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

11 से 31 जुलाई तक चलेगा सेवा प्रदायगी पखवाड़ा
यह अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक “सेवा प्रदायगी पखवाड़ा” के रूप में संचालित किया जाएगा। इस दौरान योग्य दंपतियों को विभिन्न परिवार कल्याण सेवाएँ प्रदान की जाएंगी, जिनमें एनएसवी ऑपरेशन, महिला बंध्याकरण, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी और अंतरा इंजेक्शन शामिल हैं।

जनसंख्या वृद्धि एक गंभीर समस्या: उपायुक्त
उपायुक्त श्री नितीश कुमार सिंह ने इस अवसर पर जनसंख्या वृद्धि को भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी बेटियों के बाद संतान की इच्छा और लड़के की चाह जैसी मानसिकता व्याप्त है, जिसके कारण कई परिवार सीमित संसाधनों के बावजूद संतान वृद्धि की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने इस मानसिकता को कानून-व्यवस्था, भूमि विवाद, बेरोजगारी और संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी समस्याओं की मूल वजह बताया।
उपायुक्त ने जोर दिया कि इस सोच में बदलाव लाकर और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करके ही स्थायी समाधान संभव है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन न केवल व्यक्ति या परिवार के लिए, बल्कि संपूर्ण समाज के समुचित और सतत विकास का आधार है। उन्होंने छोटे परिवारों से बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आर्थिक प्रगति और सामाजिक संतुलन सुनिश्चित होने की बात कही।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि जिला और प्रखंड स्तर पर कार्ययोजनाएँ बनाकर अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएँ। उन्होंने डोर-टू-डोर संपर्क अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को जनसंख्या नियंत्रण के लाभ और परिवार नियोजन के विभिन्न उपायों की जानकारी देने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है, और यह सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है कि लोगों को जागरूक किया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी पर जोर: जिला परिषद अध्यक्ष
जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा ने कहा कि भारत वर्तमान में जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में प्रथम स्थान पर पहुँच चुका है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि सुदूरवर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी जागरूकता की कमी और पारंपरिक सोच के कारण परिवार नियोजन कार्यक्रमों का अपेक्षित प्रभाव नहीं दिख रहा है। उन्होंने गाँव, पंचायत, कस्बों और दूरदराज के क्षेत्रों में परिवार नियोजन से संबंधित कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने अभियान को प्रभावी बनाने हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता को भी अत्यंत आवश्यक बताया, ताकि समाज के सभी वर्गों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचे और लोग स्वेच्छा से परिवार नियोजन उपायों को अपनाएँ।
उत्कृष्ट कार्य के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करने और लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि (सरायकेला विधानसभा क्षेत्र) श्री सानंद आचार्य, विधायक प्रतिनिधि (खरसावां विधानसभा क्षेत्र) श्री अनुप सिंहदेव, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जुझार मांझी, सहित अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं कर्मीगण उपस्थित थे।
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