
*सरायकेला-खरसावां*। जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए एक विशेष मुहिम की शुरुआत की गई है। शनिवार को सरायकेला समाहरणालय परिसर से माननीया सिंहभूम सांसद श्रीमती जोबा मांझी ने बाल विवाह निषेध से संबंधित ‘जागरूकता रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

*सामूहिक प्रयास से ही संभव है बदलाव: सांसद*

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद जोबा मांझी ने कहा कि बाल विवाह एक कुप्रथा है जिसे समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि:
“सामूहिक प्रयास से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। इस रथ के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को बाल विवाह निषेध के प्रति जागरूक किया जाएगा ताकि इस कुरीति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके”।
*बाल विवाह मुक्त समाज की शपथ*
कार्यक्रम के दौरान सांसद ने उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मियों और ग्रामीणों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ भी दिलाई। उन्होंने इस सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए सभी से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। ‘जस्ट राइट्स’ के इस देशव्यापी अभियान को जिले में सफल बनाने के लिए विभागीय समन्वय पर बल दिया गया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से सुश्री रीना हांसदा (उप विकास आयुक्त सह प्रभारी उपायुक्त)
श्रीमती सत्या ठाकुर (जिला समाज कल्याण पदाधिकारी)
श्रीमती निवेदिता राय (सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा)
श्री सानंद आचार्य (विधायक प्रतिनिधि)
श्री प्रशांत शिखर (युवा सरायकेला प्रतिनिधि)
इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका, सेविका, सहिया और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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