
सरायकेला: सामाजिक कुरीति निवारण योजना के अंतर्गत “हमारा संकल्प – सुरक्षित एवं सशक्त महिला, सशक्त झारखंड” कार्यक्रम के तहत मंगलवार को नगर भवन, सरायकेला में एकदिवसीय अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह मुक्त झारखंड और डायन प्रथा उन्मूलन की दिशा में समाज को जागरूक करना और विधिक प्रावधानों की जानकारी देना था।

शपथ और संकल्प का दिन कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती मधुश्री महतो ने उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह, दहेज प्रथा और डायन प्रथा जैसी अमानवीय कुरीतियों को समाज से उखाड़ फेंकने की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे न केवल ऐसी घटनाओं को रोकेंगे, बल्कि इसकी सूचना प्रशासन को भी देंगे।

पद्मश्री छुटनी महतो की प्रेरणादायी उपस्थिति कार्यशाला में मुख्य आकर्षण पद्मश्री छुटनी महतो की उपस्थिति रही। उन्होंने डायन प्रथा के विरुद्ध अपने जीवन के लंबे संघर्षों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक समाजसेवी के रूप में उन्होंने अनेक महिलाओं को प्रताड़ना से बचाया। उनके अनुभवों ने उपस्थित महिलाओं और छात्राओं में आत्मविश्वास का संचार किया।
डॉक्यूमेंट्री और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा ने जोर देते हुए कहा कि बेटियों को समान शिक्षा का अवसर देना ही राष्ट्र विकास का मार्ग है। वहीं, उप विकास आयुक्त (DDC) ने शिक्षा और जागरूकता के अभाव को इन कुरीतियों का मूल कारण बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी ऐसी घटना की जानकारी मिलने पर टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर तुरंत सूचित करें।
इस अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाएं और आंगनवाड़ी सेविकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।
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