
सरायकेला: चौका पंचायत भवन के प्रांगण स्थित फूलो-झानो चौक पर रविवार को ‘माझी एभेन आखड़ा’ के बैनर तले सैकड़ों माझी बाबाओं का महाजुटान हुआ। परगाना बाबा शीलू सारना टुडू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और पेसा (PESA) नियमावली को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
पेसा नियमावली की व्याख्या और प्रस्ताव बैठक का मुख्य केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित पेसा नियमावली रही। इस दौरान माझी बाबाओं ने नियमावली के एक-एक प्रावधान को विस्तार से पढ़कर सुनाया और समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसके लाभ पहुँचाने पर विचार साझा किए। सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप और अधिक संगठित व सुदृढ़ बनाया जाएगा।

जागरूकता के लिए विशेष टीम का गठन आदिवासी समाज को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति सजग करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम जिले के विभिन्न गांवों का भ्रमण करेगी और लोगों को सामाजिक, संवैधानिक तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी। माझी बाबाओं ने जोर दिया कि अपनी संस्कृति और हक की रक्षा के लिए शिक्षित और जागरूक होना अनिवार्य है।

गणमान्य जनों की उपस्थिति इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से माझी बाबा कुनाराम सोरेन, संजीव टुडू, बिष्णु सोरेन, इंद्र टुडू, भूटिराम टुडू, सोमचंद मार्डी, योगेश्वर सोरेन, सोनू माझी, रवि बेसरा और ताराचंद टुडू सहित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
