
सरायकेला: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), सरायकेला-खरसावां के सचिव के निर्देशानुसार, आज दिनांक 20 फरवरी 2026 को पतपत के टोला (वरगी फुट) गांव में एक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकार मित्र हरि कुंभकार एवं दिनेश कुंभकार ने ग्रामीण जनता को नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।

नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य:

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए अधिकार मित्रों ने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के आत्मविश्वास को कम करती है और जीवन में निराशा व चिड़चिड़ापन पैदा करती है। उन्होंने जोर दिया कि नशा छोड़ने के लिए सकारात्मक विचार रखने वाले लोगों के साथ समय बिताना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को गर्त में ले जाता है, इसलिए बचाव ही इसका सर्वोत्तम इलाज है।”
नशा मुक्त भारत अभियान की जानकारी:
सत्र के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य:
नशीली दवाओं की आपूर्ति और अवैध बिक्री पर रोक लगाना।
नशे के आदी हो चुके लोगों को पुनर्वास केंद्र और परामर्श के माध्यम से मुख्यधारा में लाना।
समाज में जागरूकता फैलाकर ड्रग्स के दबाव को खत्म करना।
सामाजिक और आर्थिक महत्व:
वक्ताओं ने बताया कि एक नशा मुक्त समाज न केवल राष्ट्रीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि एक उत्पादक कार्यबल का निर्माण कर देश की आर्थिक प्रगति में भी योगदान देता है। इस मौके पर ग्राम के वार्ड सदस्य राजकिशोर हांसदा सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस बुराई से दूर रहने का संकल्प लिया।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
