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सरायकेला: नगरपालिका चुनाव को लेकर माइक्रो ऑब्जर्वर्स का महा-प्रशिक्षण; निष्पक्ष मतदान के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की रणनीति

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Feb 9, 2026

 

सरायकेला: आगामी नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में आज नगर भवन सभागार में माइक्रो ऑब्जर्वर्स (Micro Observers) के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें चुनावी बारीकियों और उनके विशिष्ट उत्तरदायित्वों से अवगत कराया गया।

 

माइक्रो ऑब्जर्वर: चुनाव आयोग की ‘तीसरी आंख’

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने स्पष्ट किया कि माइक्रो ऑब्जर्वर की भूमिका एक निष्पक्ष प्रहरी की है। उनके कंधों पर मतदान केंद्र के भीतर होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि की निगरानी का जिम्मा है।

 

मुख्य दिशा-निर्देश और कर्तव्य:

 

सीधे रिपोर्टिंग: माइक्रो ऑब्जर्वर किसी स्थानीय चुनाव अधिकारी को नहीं, बल्कि सीधे सामान्य पर्यवेक्षक (General Observer) को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

 

पूर्ण उपस्थिति: मतदान शुरू होने (मॉक पोल) से लेकर मतपेटी की सीलिंग और मतदान समाप्ति तक उन्हें आवंटित बूथ पर उपस्थित रहना अनिवार्य है।

 

अनियमितता पर तुरंत एक्शन: यदि मतदान प्रक्रिया में कोई विचलन या आयोग के निर्देशों का उल्लंघन दिखता है, तो इसकी सूचना तत्काल सामान्य पर्यवेक्षक को देनी होगी।

 

इन 10 बिंदुओं पर रहेगी विशेष नजर:

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स ने माइक्रो ऑब्जर्वर्स को निम्नलिखित बिंदुओं की सघन निगरानी हेतु प्रशिक्षित किया:

 

मतदाता पहचान: EPIC (वोटर आईडी) या अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर ही पहचान सुनिश्चित करना।

 

अमिट स्याही: बाईं तर्जनी पर स्याही का सही इस्तेमाल।

 

गोपनीयता: मतदान प्रकोष्ठ (Voting Compartment) की स्थिति ऐसी हो कि वोट की गोपनीयता बनी रहे।

 

एजेंटों की निगरानी: एक उम्मीदवार का एक ही एजेंट बूथ के अंदर रहे और उनके पास वैध प्रवेश पास हो।

 

सुरक्षा व्यवस्था: मतदान केंद्र पर सुरक्षा बलों की तैनाती और उनकी सक्रियता।

 

बुनियादी सुविधाएं: पेयजल, बिजली और रैंप जैसी न्यूनतम सुविधाओं की उपलब्धता।

 

मॉक पोल: वास्तविक मतदान से पहले अभिकर्ताओं की उपस्थिति में मॉक पोल की प्रक्रिया।

 

मतपेटी सीलिंग: नियमों के अनुसार मतपेटी को सील किया जाना।

 

सेक्टर ऑफिसर का भ्रमण: सेक्टर अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले दौरों का अवलोकन।

 

पीठासीन अधिकारी का आचरण: यह सुनिश्चित करना कि कोई भी अधिकारी मतदाताओं को प्रभावित न करे।

प्रशिक्षण टीम और उपस्थिति

यह महत्वपूर्ण सत्र मास्टर ट्रेनर श्री तरुण कुमार सिंह एवं श्री प्रभाशंकर तिवारी द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण कोषांग के आलोक कुमार, मनोज सिंह, प्रदीप प्रमाणिक, अशोक कुमार और मुकेश सिंह सहित कई चुनाव अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

 


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