
सरायकेला-खरसावां जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में ग्राम पंचायतों के सराहनीय योगदान को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया। मंगलवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त श्री नीतीश कुमार सिंह ने राजनगर प्रखंड की तीन पंचायतों के मुखियाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया।

इन जनप्रतिनिधियों को मिला सम्मान

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले निम्नलिखित मुखियाओं को उपायुक्त द्वारा प्रशस्ति-पत्र और महात्मा गांधी का मोमेंटो प्रदान किया गया:
श्री निमाई सोरेन: मुखिया, ग्राम पंचायत डुमरडीहा (राजनगर)।
श्री सुमेश हो: मुखिया, ग्राम पंचायत धुरीपदा (राजनगर)।
श्रीमती निर्मला सरदार: मुखिया, ग्राम पंचायत बड़ा सिजुलता (राजनगर)।
लक्ष्य: 2027 तक टीबी मुक्त भारत
सम्मान समारोह के दौरान उपायुक्त ने कहा कि ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ केंद्र और राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका मुख्य लक्ष्य वर्ष 2027 तक देश से क्षय रोग (टीबी) का पूरी तरह उन्मूलन करना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सफलता में ग्राम पंचायतों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि जमीनी स्तर पर मरीजों की पहचान, जागरूकता और उपचार सुनिश्चित करने में स्थानीय जनप्रतिनिधि सेतु का कार्य करते हैं।
पंचायतों की सक्रियता की सराहना
उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने सम्मानित मुखियाओं की सराहना करते हुए कहा कि डुमरडीहा, धुरीपदा और बड़ा सिजुलता पंचायतों ने स्क्रीनिंग और मरीजों को पोषण सहायता प्रदान करने में मिसाल पेश की है। उन्होंने जिले की अन्य पंचायतों से भी आग्रह किया कि वे इन आदर्श पंचायतों से प्रेरणा लें और अपने क्षेत्र को टीबी मुक्त घोषित करने की दिशा में सक्रियता बढ़ाएं।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जिला प्रशासन के अन्य कर्मी भी उपस्थित थे। इस पहल से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
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