
सरायकेला : चांडिल वन क्षेत्र के अधीन नीमडीह थाना अंतर्गत हेवेन पंचायत के पहाड़धार गांव मे 25 जून को जंगली हथनी को करंट लगने से मौत होगा था।वही जून महीने में दूसरी हथनी की मौत हुई।तीन माह पूर्व अंडा गांव में एक हथनी कुआं में गिरने मौत हुई थे।

उसका वेबी हाथी को उसके मौसी हथनी ने समाला था और उसका मौत पहाड़धार गांव में रघुनाथ सिंह के बागान के सामने करेंट लगने से मौत हो गया।वही वेबो हाथी मां ओर मौसी हथनी को खोने की गम को भुला नहीं पाया और भटकते हुए ,चांडिल थाना क्षेत्र के रासुनिया पंचायत के हाथीनादा गांव पहुंचे ।

जिसका सूचना चंदिल वन क्षेत्र को दिया गया , जिला डीएफओ के निर्देशन पर बीते रात्रि वेबी हाथी तलाश में रेस्क्यू टीम हाथीनादा गांव पहुंचे ओर जंगल में अनुसंधान करने लगा । मारे गए मौसी हाथनि का छोटा बच्चा रसुनिया पंचायत के (हाथीनादा) गांव के घने जंगलों में भटक रहा है, इसके कारण पूरे गांव में अफरा तफरी मचा हुआ है, कल शाम से छोटा बच्चा को खोजने के लिए पूरा चांडिल के विभागीय टीम लगे हुए थे। चांडिल वन क्षेत्र पदाधिकारी शशि प्रकाश रंजन भी मौजूद थे फॉरेस्टर अधिकारियों के साथ हाथीनादा गांव के लोग से जाकर मिले और डरे सहमे हुए ग्रामीणों से मिले गुररू हाथी समझ कर वेबो हाथी को क्षत्रि नहीं पहुंचा । जिसका डर चांडिल वन विभाग के लोगो है।
27 जून को पूरा रात भर फॉरेस्टर की टीम रसुनिया के घने जंगल में खोजने के लिए जुटे हुए थे परंतु हाथी का छोटा बच्चा को पकड़ने के लिए असफल रहा ।
फॉरेस्टर अधिकारी वशिष्ठ नारायण महतो ने ग्रामीणों से मिलकर हाथी बच्चे की जानकारी ओर डर को दूर करने की प्रयास में जुट गई। गुम हुए छोटे हाथी का जानकारी देते हुए., साथ ही साथ गांव वाले भी मौजूद थे, रामागौड़ा गांव के3 निवासी उमेश सोरेन के साथ वेबी हाथी जानकारी लेते हुए देखा गया।
ईचागढ़ क्षेत्र में लगभग 200 के ऊपर भटक रहा हे ,जंगली हाथियों की झुंड विभिन्न ग्रुप में बाटे हुए हे।हाथी का बच्चा को कही लोगो ने तीर चला न दे या फिर झुंड में अन्य ट्रस्कर द्वारा हमला कर न दे ।जिसका डर वन विभाग को लगा हुआ हे।
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