
सरायकेला ब्रेकिंग: चांडिल अनुमंडल के दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के तराई बसे बहुल आदिवासी गांव काठजोड़ तुलीन मकुलाकोचा आदि गांव में लगातार दलमा गज परियोजना के गजों द्वारा शाम ढलते ही हाथियों की आतंक से जन जीवन अस्तवस्त रहने लगा ।
विगत कुछ दिनों से ट्रस्कर हाथी द्वारा गांव में प्रवेश कर उपद्रव मचाते हे। घरों में रखे अनाज को अपना निवाला बना रहा हे। आखिर इतने बड़े से सेंचुरी में गजों के लिए पर्याप्त भोजन की कमी साथ ही पौष्टिक आहार पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलना यह एक बड़ा सवाल उठ रहा हे..?

गजों की संरक्षण के लिए सरकार द्वारा करोड़ो रुपया मुहैया कराया जाता हे। उसके बाजूद ईको सेंसेटिव जॉन से गज पलायन करते है।

सूत्र के अनुसार : हाथी मस्त ओर मानव संघर्ष क्यों..? कारण किया हे आम मानस जानना चाहते हैं,आपको बता दूं झारखंड राज्य में अवैध रूप से जिला के विभिन्न प्रखंड जैसे चांडिल ,नीमडीह एवं ईचागढ़, कुकड़ु प्रखंड अंतर्गत अवैध रूप से देशी महुआ शराब भाटी की संचालन होता हे।आज के दौर में हाथी की झुंड भोजन पानी की तलाश में जंगल से उतर कर तराई क्षेत्र में अवैध भाटी का संचालन हो रहा हे।ओर शराब माफिया द्वारा देशी दारू की चुलाई में इस्तेमाल रासायनिक प्रदार्थ के साथ महुआ को गुड़ आदि सामग्री इकट्ठा करके डेराम हांडी में महुआ को पचाने के रखते हैं उस बास्की को हाथी के लिए एक आहार बन गया ।जिसका सुगंत मिलते ही पहुंच जाते ओर खाते हे उसके के बाद मस्त होकर गांव में घूमने लगता ओर उपद्रव मचाते हे। जो कार्य .., एक तरफ जिला प्रशासन ओर मद उत्पाद विभाग द्वारा जो कार्रवाई नहीं कर पाते उसका काम हाथियों की द्वारा प्रतिदिन तोड़ने की काम करते हैं,जिसे माफियों की बीच खलबली मच गया ।शराब की जावा को नष्ट हो जान माफिया द्वारा देशी दारू की भाटी में चुलाई नहीं हो रहा है,ओर न ही बोल पाते , आज वन विभाग एंब उत्पाद विभाग द्वारा शराब माफिया के प्रति कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण प्रतिदिन शराब माफिया की मनोबल बढ़ने लगा ।
सोमवार की रात दलमा सेंचुरी की तराई में बसे आदिमजनजाति खाड़ियों बस्ती के नव प्राथमिक विद्यालय में रखे, मिड डे मिल के लिए चावल को , दरवाजा ओर दीवार को तोड़ कर अपना निवाला बनाया।
काटजोड़ गांव में दारू भाटी को क्षतिपूर्ति करने के बाद ट्रस्कर गजराज जंगल से उतर कर नीमडीह प्रखंड के लुपुंगडीह पंचायत के लुपुंगडीह खाड़िया बस्ती स्कूल में रखे अनाज को अपना निवाला बनाया ।उसके प्रश्चात पथरडीह गांव में काली पद गोप के घरों को हिलाया गया यह घटना 9.30 बजे की जब ग्रामीणों ने देखा कि गांव में एक विशाल ट्रस्कर गजराज पहुंचे हे
।ग्रामीणों ने एक जुट होकर हाथी को नीमडीह की ओर भगाया गया उसके बाद ट्रस्कर रस्ते में जो गांव मिला हे कुछ न कुछ क्षत्रि पहुंचाया इस दौरान।
तिल्ला पंचायत के कोई घरों को तोड़ा ओर मस्त होकर गुंडा जंगल किनार चल पड़े। जाते जाते कोई गांव के घरों तोड़ा ओर खेत में लगे खेतों की फसलों को खाए ओर पैर तले रौदा गया ।
जिसे किसान एंब ग्रामीणों नाराजी देखा गया।वन विभाग के प्रति नाराजगी देखा गया ।
There is no ads to display, Please add some

Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
