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शिकायत मिलते ही हुई कार्यवाई,आंगनवाड़ी संख्या 184 बट्टा रामपुर की कहानी,बच्चों का निवाला गायब।

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Dec 16, 2024

सीडीपीओ कैसी जांच करती है कि उन्हें ये सब गड़बड़ी नहीं मिलती और दूसरे अधिकारी को मिल जाता है।,आखिर चक्कर क्या है।

लखीसराय (सुजीत कुमार)- चानन प्रखंड के रामपुर में समेकित बाल विकास परियोजना के तहत चलने वाले आंगनवाडी केंद्रों की कहानी खुद-ब-खुद सामने आ रही है वो भी तब जब नए प्रखंड विकास पदाधिकारी रवि कुमार अचानक उस सेंटर पर पहुंचकर सेंटर की जांच कर दी। बता दें कि गांव के ही राजेश कुमार ने शिकायत आवेदन के माध्यम से दर्ज कराया था। जांच के क्रम में सहायिका ने बताया कि सेविका अभी यहां नहीं है सेविका वीणा देवी कहीं गई है आधे घंटे में आ जाएगी। मामला केंद्र संख्या 184 बट्टा रामपुर सेक्टर 7 वार्ड संख्या 10 सेविका वीणा देवी की है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पाया कि आंगनवाडी केंद्र में बच्चे अंधेरे में ही पढ़ने का काम करते हैं साथ ही वह भवन भी काफी जर्जर स्थिति में था। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि बच्चों को मिलने वाला मीनू के हिसाब से फल कहां गायब है। इसके साथ ही दिए जाने वाले खाना की स्थिति भी खराब थी जिसको लेकर डांट फटकार लगाते हुए प्रखंड कार्यालय में इसकी रिपोर्ट करने की बात कहा।

वही बताया गया कि बच्चों का विकास करने और उसकी मानसिक क्षमता बढ़ाने को लेकर आंगनवाडी केंद्रों में इन सारी चीजों को देने का काम किया जाता है साथ ही साफ सफाई पर भी ध्यान दिया जाना होता है पर बच्चों का मानसिक विकास कम और अपना विकास ज्यादा हो रहा है शायद ये सारी चीजें बच्चों का ना देकर शायद अपने लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

ऐसे में कोई जांच नहीं हो रही है अर्थात आंगनवाडी केंद्रों में बच्चे के हिस्सों में पड़ने वाले सामग्री का शायद बटवारा कर लिया जा रहा है। अब सवाल उठता है कि एक आंगनवाडी को छोड़कर अन्य आंगनवाडी केंद्रों में भी यही स्थिति पनप रही है तो क्या इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कहीं ना कहीं इसमें बड़ी मिली भगत और घोटाले की गंध आ रही है अर्थात कहीं ना कहीं धीरे-धीरे बच्चों का निवाला चट कर जाने का कार्य जारी है और जांच ढाक के तीन पात वाली कहानी बन गई है।

अब अगर इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है तो साफ है कि कहीं ना कहीं लोगों की मिली भगत नीचे से ऊपर तक बड़े पैमाने पर है।


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