
रांची: झारखंड में मजदूर आंदोलन को व्यापक दिशा देने और सीटू (CITU) को विभिन्न सेक्टरों के श्रमिकों का प्रतिनिधि संगठन बनाने की कार्ययोजना के साथ सीटू का तीन दिवसीय आठवां राज्य सम्मेलन आज संपन्न हो गया।
सम्मेलन में 41 यूनियनों से संबद्ध 96 हजार से ज्यादा सदस्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 347 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 63 महिला प्रतिनिधि शामिल थीं। कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, बिजली, निर्माण, ट्रांसपोर्ट, आंगनबाड़ी, मिड डे मील वर्कर, नर्सेज यूनियन, समेत विभिन्न सेक्टरों के श्रमिकों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। कोयला उद्योग (बीसीसीएल, ईसीएल, सीसीएल) से प्रतिनिधियों की संख्या सर्वाधिक थी।

केंद्रीय श्रम नीति को बताया ‘गुलाम बनाने का दस्तावेज’

सीटू महासचिव द्वारा पेश की गई राजनीतिक और सांगठनिक प्रतिवेदन पर 83 प्रतिनिधियों ने बहस में हिस्सा लिया, जिसे कुछ सुझावों के साथ सर्वसम्मति से पारित किया गया।
सम्मेलन में मुख्य रूप से केंद्रीय सरकार की नई श्रम नीति की कड़ी आलोचना की गई। इस संबंध में सुदीप्त दत्ता ने कहा कि:
“केंद्रीय सरकार की नई श्रम नीति मजदूरों को गुलाम बनाने का दस्तावेज है।”
मुख्य संकल्प और प्रस्ताव पारित
सम्मेलन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए:
-
लेबर कोड रद्द करने और नई श्रम नीति वापस लेने का संघर्ष।
-
विस्थापन की पुरानी और नई समस्याओं का एक तय समय सीमा में समाधान करना।
-
विस्थापितों को रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित करना।
-
सांप्रदायिक विचारधारा के खिलाफ अभियान चलाना।
नई राज्य कमिटी का चुनाव
सम्मेलन में 43 सदस्यीय पदाधिकारी और 70 सदस्यीय राज्य कमिटी का चुनाव किया गया। मुख्य पदाधिकारियों के रूप में:
-
अध्यक्ष: अरुप चटर्जी
-
महासचिव: विश्वजीत देब
-
कोषाध्यक्ष: प्रतीक मिश्र
कमिटी ने झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (जेसीएमयु) के लिए सीटू राज्य कमिटी के संरक्षक का पद रिक्त रखा है।
सम्मेलन में मुख्य रूप से कॉमरेड भुवन सिंह, प्रकाश विप्लव, सुरेश प्रसाद गुप्ता, सुंदरलाल महतो, पूनम कुमारी, सपन बनर्जी, जयनारायण महतो, समेत कई अन्य महत्वपूर्ण नेताओं ने सक्रिय भूमिका अदा की।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
