
सरायकेला: सरायकेला के टियुनियाँ गांव में श्री श्री हरि संकीर्तन समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय ‘श्री श्री 108 कुंज महायज्ञ’ का सोमवार, 16 मार्च 2026 को आध्यात्मिक उल्लास के साथ समापन हो गया।

दल पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस महायज्ञ का समापन ‘श्री श्री राधा गोविन्द अखण्ड युगल नाम’ संकीर्तन, धूलोट और महंत विदाई के साथ हुआ। समापन के दिन हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने पूरे टियुनियाँ गांव में नगर भ्रमण किया। रंग-गुलाल और हरि नाम के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था:
समिति के सचिव दिनेश कुमार महतो ने बताया कि इस वर्ष महायज्ञ में झारखंड के साथ-साथ ओडिशा, बिहार और बंगाल से प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचे। समिति द्वारा सभी आगंतुकों के लिए नाश्ता, पानी, खिचड़ी और विशेष भोजन (पूड़ी-बुंदिया) की निरंतर व्यवस्था की गई। मेले में देवसभा, विभिन्न प्रजातियों के सांपों की प्रदर्शनी, इलेक्ट्रिक झूले और मीना बाजार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
शांति और प्रेम का संदेश:
समिति के अध्यक्ष धीरेंद्र नाथ महतो ने आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि हरि नाम संकीर्तन ही वह माध्यम है जो विभिन्न जातियों और संप्रदायों के बीच आपसी प्रेम और शांति का संचार करता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में केवल प्रभु का गुणगान ही साथ रहता है।
प्रशासन का रहा सहयोग:
महायज्ञ के सफल संचालन में व्यवस्थापक मृत्युंजय चैतन्य ब्रह्मचारी, समस्त ग्रामवासियों और सरायकेला थाना प्रशासन का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे लाखों की भीड़ के बावजूद कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ। अंत में सभी भक्तों के बीच महाप्रभु का ‘हरि नाम प्रेम प्रसाद’ वितरित किया गया।
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