
गोविंदपुर: गोविंदपुर के कुम्हारडीह रोड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज के सान्निध्य में भव्य और भावपूर्ण समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन पूर्णाहुति और हवन पूजन के दौरान भक्ति और भावनाओं का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

अलौकिक रही महाआरती:

कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी थी। हवन और महाआरती के दौरान दृश्य इतना अलौकिक हो गया कि भक्तों को साक्षात् देवलोक की अनुभूति होने लगी। पूरा क्षेत्र “हरि बोल” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं का मानना था कि महाराज जी के मुखारविंद से प्रवाहित भागवत गंगा ने उनके जीवन को कृतार्थ कर दिया है।
महाप्रसाद का वितरण:
पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 2500 से 3000 श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।
सामूहिक सहयोग से सफलता:
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में गोविंदपुर वासियों का सराहनीय योगदान रहा। मुख्य रूप से विमल चन्द्र पद्दा दे, पिंकु सिंह, रिंकी देवी, प्रदीप बंसल, कांता बंसल, राहुल अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अनिता अग्रवाल, शंभूनाथ अग्रवाल, राम बाबू अग्रवाल और समस्त सहयोगियों (मोहन बंसल, राजेंद्र बंसल, सुनील रविदास, प्रदीप साव, भोला अग्रहरि आदि) ने दिन-रात सेवा कर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया।
गोविंदपुर वासियों ने इस सफल आयोजन के लिए महाराज जी का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों को आयोजित करने का संकल्प लिया।
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