
गोपालगंज, बांग्लादेश: बांग्लादेश के गोपालगंज जिले में शुक्रवार को अभूतपूर्व तनाव देखने को मिला, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन को 22 घंटे का कर्फ्यू लगाने का आदेश देना पड़ा। इन झड़पों में कई लोग घायल हुए और इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, झड़पें तब शुरू हुईं जब शेख हसीना के समर्थक बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे थे। ये प्रदर्शन हाल की राजनीतिक घटनाओं से संबंधित बताए जा रहे हैं, हालांकि इसका स्पष्ट विवरण अभी उपलब्ध नहीं है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल शामिल था।

हिंसा इतनी बढ़ गई कि स्थानीय प्रशासन को तत्काल प्रभाव से गोपालगंज जिले में 22 घंटे का कर्फ्यू लगाने का निर्णय लेना पड़ा। यह कर्फ्यू शुक्रवार शाम से लागू कर दिया गया है और शनिवार दोपहर तक जारी रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से घरों में रहने और किसी भी तरह की भीड़ का हिस्सा न बनने की अपील की है।

इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
इस घटना ने बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थकों और सरकार के बीच चल रहा तनाव लंबे समय से चला आ रहा है, और इस तरह की हिंसक घटनाएँ चिंताजनक हैं। प्रशासन स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और शांति बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
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